एचआरएमएस बिहार का बड़ा कदम, अब छुट्टी के लिए अनिवार्य हुआ ऑनलाइन आवेदन

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मियों को लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल का प्रशिक्षण, डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर जोर
पटना : राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एचआरएमएस बिहार की टीम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा उसके अंतर्गत सभी निदेशालयों के स्थापना से जुड़े कर्मियों को लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मियों को अवकाश से संबंधित पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि अब सभी कर्मियों को अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना अनिवार्य होगा। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अवकाश स्वीकृति की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी।
एचआरएमएस टीम द्वारा मॉड्यूल के विभिन्न फीचर्स जैसे ऑनलाइन आवेदन, अवकाश की स्थिति की ट्रैकिंग, स्वीकृति प्रक्रिया एवं रिकॉर्ड प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया, ताकि नई प्रणाली को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि इस डिजिटल पहल से कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही अवकाश प्रबंधन से जुड़े विवादों और त्रुटियों में भी कमी आने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की यह पहल ‘ई-गवर्नेंस’ को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे भविष्य में अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का रास्ता साफ होगा।

