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नन्हे दिलों की धड़कनें सुरक्षित: बाल हृदय योजना के तहत किशनगंज से तीन बच्चे पटना रवाना

आरबीएसके टीम की सतत पहल से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मिल रहा निःशुल्क जीवनरक्षक उपचार

किशनगंज,18सितंबर(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत गुरुवार को किशनगंज सदर अस्पताल से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित तीन बच्चों – अमन कुमार, आबेश यादव और अदीब अशरफ को बेहतर उपचार के लिए आईजीआईएमएस, पटना भेजा गया।

अब तक 31 बच्चों का हो चुका सफल ऑपरेशन

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि अब तक जिले से 31 बच्चों का सफल हृदय उपचार मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा, “सरकार की यह पहल गरीब परिवारों के लिए संजीवनी है। आज जिन बच्चों को हम इलाज के लिए भेज रहे हैं, कल वही बच्चे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकेंगे।”

सतत पहचान और निगरानी कर रही आरबीएसके टीम

आरबीएसके जिला समन्वयक पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी टीम 0 से 18 वर्ष के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण लगातार कर रही है। “हमारी टीमें गांव-गांव जाकर, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बच्चों की जांच करती हैं ताकि समय रहते इलाज संभव हो सके। जन्मजात रोगों की पहचान ही जीवन बचाने की पहली सीढ़ी है।”

मरीजों और परिजनों को मिल रही पूरी सुविधा

डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत मरीज बच्चों और उनके अभिभावकों की यात्रा, आवास, भोजन और इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। “इलाज के बाद बच्चों की निगरानी और फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाता है ताकि दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सके।”

हर जरूरतमंद तक पहुंचे योजना का लाभ: डीएम

जिलाधिकारी विशाल राज ने योजना की सराहना करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना हमारे समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग – बच्चों – के लिए है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूं कि अगर उनके बच्चों में थकावट, सांस की तकलीफ या अन्य हृदय संबंधी लक्षण हों, तो बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। सरकार पूरी जिम्मेदारी ले रही है।”

समाज को जागरूक करना भी है लक्ष्य

डॉ. मुनाजिम ने बताया कि योजना का उद्देश्य है कि “कोई भी बच्चा केवल इलाज के अभाव में अपने बचपन से वंचित न रह जाए। यदि आपके आसपास कोई बच्चा जन्म से हृदय रोग से पीड़ित हो या उसके लक्षण नजर आएं, तो तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। इलाज पूरी तरह निःशुल्क है।”

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