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किशनगंज : डॉ. दिलीप जायसवाल ने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ, सीमांचल में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह

किशनगंज,07मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. दिलीप जायसवाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। राजधानी पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद अब डॉ. जायसवाल सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

उनके मंत्री बनने के बाद सीमांचल क्षेत्र सहित भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। किशनगंज, पूर्णिया और अररिया समेत कई इलाकों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।

संगठन के मजबूत नेता माने जाते हैं

डॉ. दिलीप जायसवाल भाजपा संगठन के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। वे पूर्व में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें भाजपा का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है।

तीन बार बने विधान परिषद सदस्य

डॉ. जायसवाल का राजनीतिक सफर लंबा और सक्रिय रहा है। वह वर्ष 2009 से लगातार तीन बार पूर्णिया, अररिया और किशनगंज स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुने जाते रहे हैं। सीमांचल क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को देखते हुए भाजपा नेतृत्व लगातार उन पर भरोसा जताता रहा है।

इससे पहले वे बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाला था।

सीमांचल में मजबूत पकड़

2 मई 1963 को जन्मे डॉ. दिलीप जायसवाल मूल रूप से खगड़िया जिले के निवासी हैं। सीमांचल क्षेत्र, खासकर किशनगंज, पूर्णिया और अररिया में उन्हें भाजपा का प्रमुख चेहरा माना जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सीमांचल जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही है। उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में रही है जो संगठन के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों पर भी मजबूत पकड़ रखते हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ाव

डॉ. जायसवाल उच्च शिक्षित नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने एमएससी, एमबीए और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। राजनीति के अलावा उनका शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से भी गहरा जुड़ाव रहा है।

वे किशनगंज स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर के रूप में भी जाने जाते हैं। इसी कारण सीमांचल क्षेत्र में उनकी पहचान केवल राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में भी है।

वैश्य समाज में भी प्रभाव

डॉ. जायसवाल वैश्य समाज की कलवार जाति से आते हैं और इस समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। भाजपा ने हमेशा उन्हें सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण नेता के रूप में देखा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके मंत्री बनने से सीमांचल के साथ-साथ वैश्य समाज में भी भाजपा को राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।

नई जिम्मेदारियों पर नजर

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मंत्री के रूप में डॉ. दिलीप जायसवाल अपनी नई जिम्मेदारियों को किस तरह निभाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन और सरकार दोनों में लंबे अनुभव के कारण वे सरकार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही सीमांचल क्षेत्र के विकास और राजनीतिक संतुलन में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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