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किशनगंज का नर्सिंग होम बना मौत का नर्सिंग होम, जहा पैसे खर्च के बाबजूद मिलती है मौत… 

किशनगंज भले ही डॉक्टर को लोग धरती का भगवान मानते है लेकिन जब डॉक्टर के पेशे में व्यवसायिकता हावी हो जाय और धरती के ये भगवान हैवान हो जाये तो इसे आप क्या कहेंगे ? ऐसा कुछ मामला किशनगंज के पश्चिम पाली के पॉवर ग्रीड के समीप नूर अल सिफ़ा क्लिनिक से सामने आया है। जयंती देवी नामक एक महिला ने प्रसव कराने किशनगंज सदर अस्पताल पहुची थी जहाँ से दलाल के संपर्क में आकर गर्भवती महिला जयंती नूर अल सिफ़ा नामक नर्सिंग होम पहुची लेकिन नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर सुविधा नही होने से परिजनों ने अपने मरीज को अन्य नर्सिंग होम ले जाना 

  • किशनगंज का नर्सिंग होम बना मौत का नर्सिंग होम
  • जहा पैसे खर्च के बाबजूद मिलती है मौत
  • जहा डॉक्टर नही वल्कि रहता है मरीज किलर। 
  • सदर अस्पताल के दलाल से कनेक्शन है नर्सिंग होम का।  
  • अवैध नर्सिंग होम में मौतों का सिलसिला जारी और जिला प्रशासन देख रहा मौत का तमाशा। 

चाहा तो नर्सिंग होम संचालक और डॉक्टर संतोष ने महिला के परिजनों कोजबरन बेहतर इलाज का हवाला देकर महिला की ओपरेशन कर दिया।  महिला ने एक बच्ची को जन्म देकर तड़पती रही उसकी हालत गंभीर होने लगी परिजनों ने फिर दूसरी जगह इलाज के लिए ले जाना चाहा लेकिन डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक अपनी बदनामी के डर से अन्य नर्सिंग होम ले जाने से रोका और परिजनों को बंधक बना लिया बेहतर इलाज के अभाव में जयंती तड़पती हुई दम तोड़ दी।जिसके बाद महिला के परिजनों ने नर्सिंग होम परिसर में जमकर हंगामा किया,परिजनों में आक्रोश को देखते हुए चिकित्सक डॉ० संतोष और नर्सिंग होम

संचालक मौके से फरार हो गया।मृतिका के परिजनों के लिखित शिकायत पर किशनगंज टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी आपको बताते चले की डॉ संतोष किशनगंज में दर्जनों नर्सिंग होम में अपनी सेवा देते है और इस वर्ष उनकी लापरवाही से अब तक चार मरीजों की जान जा चूका है।लेकिन पैसे के बल पर पीड़ित परिजनों के आवाज को दबा देते है ऐसे डॉक्टर जिले के सरकारी अस्पतालों में दलाल छोड़ कर रखते है।जिस दलाल के चंगुल में फंसकर भोले भाले लोग इस तरह के नर्सिंग होम के जाल में फंस जाते है।और मोटी रकम खर्च कर भी मरीजों को मौत ही मिलता है।वही किशनगंज पुलिस का कहना है की मामले की अनुसंधान किया जा रहा है अनुसंधान के बाद जो भी दोषी पाये जायेंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी।लेकिन सवाल है की आखिर कब तक मौत का तमाशा देखती रहेगी किशनगंज प्रशासन ? और कितने लोगों का घर परिवार उजरने का इंतजार में है प्रशासन ? ऐसे अवैध नर्सिंग होमों से जिले के लोगों को कब छुटकारा मिलेगी ? इस सवाल का जबाव जिला प्रशासन को देना होगा।भगवान हमें एक बार जीवन देता है डॉक्टर बीमारियों से बचाकर कई बार नया जीवन देता है लेकिन आज इस तर्ज के धरती के भगवान ने यमराज का रूप ले लिया है।तभी तो मरीजों को मौत के घाट उतार कर किसी की मांग का सिंदूर उजार रहा है तो किसी नवजात से उसकी माँ को छिन रहा है।जरुरत है ऐसे डॉक्टरो पर नकेल कसने की और इसे इलाज से दूर रखने की ताकि धरती के भगवान के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे है।इधर महिला की मौत की 

खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ नर्सिंग होम के बाहर लग गई।लोगों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।इधर महिला के पति मुकेश साह ने कहा कि मुझे इंसाफ चाहिए।मेरी पत्नी को हमसे छीनकर व मेरी नवजात शिशु के मां को छीनने वाले को कभी माफ नहीं करंगे।वहीं,पुलिस ने लिखित शिकायत पर मामला दर्ज करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिेए भेज दिया है।डॉक्टर से ब्यान के लिए कॉल किया गया किन्तु इनका नंबर 9955727528, 9470783989, 9122994671, 9430583772 बंद रहा।यानि की पुलिस से बचने के लिए अपना सभी नम्बर को स्वीच ऑफ कर दिया ताकि कॉल ट्रेश न हो सके…।

रिपोर्ट-धर्मेन्द्र सिंह 

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