*पोषण पखवाड़ा 2026 के दौरान ‘खिलौना दान अभियान’ बना जन-आंदोलन*
- आंगनवाड़ी केंद्र बने अधिक बाल अनुकूल और सीखने योग्य स्थान
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पोषण पखवाड़ा- 2026 के दौरान राज्य की पंचायतों में ‘खिलौना दान अभियान’ एक प्रेरक जन-आंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए अधिक जीवंत, सीखने योग्य और बाल-अनुकूल बनाना है, ताकि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें और उनका मानसिक, सामाजिक एवं रचनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके। इसका संचालन पंचायती राज विभाग और निजी संस्था सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज (सी-थ्री) कर रहा है।
*स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी*
राज्य के विभिन्न जिलों में पंचायती राज संस्था (पीआरआई) के प्रतिनिधियों और महिला जनप्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड की मुखिया अनिता टोप्पो, दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड की कविता देवी, पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड की सिसवा पूर्वी पंचायत की तान्या प्रवीण और औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड के शमशेर नगर पंचायत की अमृता देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर खिलौनों का वितरण किया। समुदाय के लोगों ने भी स्वेच्छा से खिलौने दान किए। वहीं, आंगनवाड़ी सेविकाओं, प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों व स्थानीय समुदाय की सहभागिता ने इस पहल को और प्रभावी बनाया।
यह कदम स्थानीय सतत विकास लक्ष्य (एलएसडीजीएस)– थीम 2 ‘स्वस्थ ग्राम पंचायत’ की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ बच्चों, महिलाओं एवं समुदाय के समग्र शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देने पर आधारित है। विदित हो कि बिहार की पंचायतों ने पोषण पखवाड़ा 2026 के दौरान कुल 73 लाख 4 हजार 316 गतिविधियों का आयोजन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं पोषण जन आंदोलन डैशबोर्ड पर 69 हजार 252 गतिविधियां दर्ज हुई, जो पंचायत स्तर पर बढ़ती सहभागिता का प्रमाण है।

