*विकास कार्यों में आधुनिक तकनीक का हो प्रयोगः बारीकियां सीखने बाहर जाएंगे इंजीनियर*
- पथ निर्माण विभाग में मंत्री कुमार शैलेंद्र ने संभाला अपना पदभार, विभागीय योजनाओं को प्रमाणिकता के आधार पर पूरा करने के दिए निर्देश
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/नए कैबिनेट का गठन और शपथ ग्रहण करने के बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने सोमवार को अपना पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में पुल, सड़क समेत दूसरी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को अत्याधुनिक तकनीक के आधार पर मूर्तरूप देने के लिए अभियंताओं को दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों में टेक्नोलॉजी आधारित हो रहे विकास कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार जैसा राज्य अभी इससे अछूता है। उन्होंने साफ कहा कि अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास कार्यों को अमली-जामा पहनाने की दिशा में विभागीय अभियंता और पदाधिकारियों को दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा।
श्री कुमार ने कार्यभार संभालने से पहले विभागीय कार्यालय में विधिवत पूजन-अर्चना की। इस दौरान स्वागत पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बुके भेंट कर की। इस अवसर पर मंत्री ने मीडिया को बताया कि चूकी मैं खुद भी सिविल इंजीनियर हूं, इस लिए विकास कार्यों में अपनी दक्षता का पूरा इस्तेमाल करूंगा। विभागीय टीम के साथ एक-एक बात को सूक्ष्म तरीके से समझूंगा। इसके बाद संवाद के आधार पर योजनाओं को लागू किया जाएगा।
उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के साथ ही मार्गदर्शक के रूप में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने और विश्वास करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उत्थान के लिए सड़क मार्ग का सही होना जरूरी है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों का ही नतीजा है कि आज राज्य के किसी भी कोने से पटना पांच घंटे में पहुंचना आसान हो गया है। हम उनके रोड मैप को और बेहतर गति से पूरा करेंगे।
इधर, विभागीय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं और उसके क्रियान्वयन की स्थिति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें विभागीय विजन से रूबरू कराया। सचिव पंकज कुमार पाल ने मुख्य रूप से दिल्ली-कोलकाता एनएच-19, ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर एनएच-27, पटना-गया-डोभी कॉरोडीरो, आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड कॉरोडोर, पटना रिंग रोड, छपरा-पटना-बख्तियारपुर-पूर्णिया, कॉरोडोर, मोकामा-मिर्जो चौकी कॉरोडोर आदि के निर्माण कार्यों की प्रगति और राज्य के लोगों के लिए इनकी उपयोगिता से रूबरू कराया।
इस अवसर पर पुल निगम के अधिकारियों ने भी योजना और उसकी प्रगति की जानकारी दी। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारी बिना किसी दबाव और लालच पूरी इमानदारी से काम करेंगे। हमें प्रमाणिकता के आधार विकास कार्य चाहिए। उन्होंने राज्य में विकास की परियोजनाओं को और तीव्रता देने की दिशा में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। कहा कि बिहार के विकास में बजट की समस्या कहीं से भी आड़े नहीं आएगी। परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उसे पूरा करने में उनका पूरा सहयोग रहेगा। कहा कि सड़क, पुल आदि के निर्माण में अच्छे से अच्छे कॉन्ट्रैक्टर को लगाया जाए। पेटी कॉन्ट्रैक्ट भी मान्यता प्राप्त लोगों को दें ताकि ठीक से काम नहीं करने की स्थिति में उनकी जवाबदेही तय की जा सके।

