*अनुदान की राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी:विजय कुमार सिन्हा*
*राज्य में 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित होंगे:विजय कुमार सिन्हा*

बैंक स्थापित होंगे:विजय कुमार सिन्हा*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/चौथे कृषि रोड मैप के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के माध्यम से बिहार में कृषि यंत्रीकरण को व्यापक विस्तार दिया जाएगा। योजना के तहत किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर तथा किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यय सहित कुल ₹236.58 करोड़ की स्वीकृति का प्रस्ताव है।
कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगे कृषि यंत्रों की खरीद प्रत्येक किसान के लिए संभव नहीं होती। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान आवश्यकता के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत ₹10 लाख तक होगी, जिस पर लागत मूल्य का 40 प्रतिशत, अधिकतम ₹4 लाख तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 38 कृषि यंत्र बैंक (Farm Machinery Bank) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक बैंक की लागत ₹10 लाख तक होगी तथा पात्र समूहों को लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम ₹8 लाख तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर (SCHC) की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत ₹20 लाख तक होगी। इसमें 55 हॉर्स पावर अथवा उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर एवं आवश्यक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹12 लाख तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। इससे पराली सहित अन्य फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि में आधुनिक ड्रोन तकनीक के विस्तार के लिए राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कृषि स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख तथा अन्य पात्र आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम ₹4 लाख तक अनुदान दिया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित छिड़काव सहित आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध होंगी।
योजना के तहत 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर व्यक्तिगत किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के प्रत्येक जिले में वर्ष में दो बार दो-दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेले आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं तथा कृषि को अधिक लाभकारी और समृद्ध बनाएं।


