महान राष्ट्रवादी, शिक्षाविद् ,जननेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में स्मरण करते हुए बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संघर्ष आज भी भारतीय राजनीति के लिए प्रेरणा का विषय है।डॉ. मुखर्जी ने उस समय जम्मू-कश्मीर में लागू अलग व्यवस्थाओं का विरोध किया और देश की एकता एवं समान नागरिक अधिकारों के पक्ष में आंदोलन किया। उनका प्रसिद्ध राजनीतिक नारा इसी संदर्भ में जुड़ा माना जाता है कि भारत में अलगाव की भावना नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्र और समाज की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन अर्पित कर देने वाले मां भारती के सच्चे सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा संगठन और देश निर्माण में किए गए योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेंगे। उन्होंने वर्ष 1951 में भारतीय जन संघ की स्थापना की, जो बाद में वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के रूप में गठित हुआ। उनका व्यक्तित्व,कृतित्व और नेतृत्व राजनीति में शुचिता का सदैव संदेश देती रहेगी।