
नवेंदु मिश्र
नई दिल्ली – लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद द्वारा दानवीर, राष्ट्रभक्त एवं लोकनायक भामाशाह की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल वैश्य सम्मेलन एवं अभिनंदन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति, दूरदृष्टि और लोककल्याण की भारतीय परंपरा का उज्ज्वल प्रतीक है। उन्होंने सिद्ध किया कि राष्ट्र का निर्माण केवल रणभूमि में नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, संगठन और सहयोग की भावना से भी होता है। धन तभी सार्थक है, जब उसका सदुपयोग समाज और राष्ट्र के हित में हो। विश्वास, ईमानदारी और नैतिकता ही व्यापार, उद्यम और आर्थिक समृद्धि की सबसे सुदृढ़ नींव हैं।
विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी पूर्णता प्राप्त करेगा, जब उद्यमिता सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का पर्याय बने, युवा अपनी प्रतिभा और सफलता को समाज के उत्थान से जोड़ें तथा हम सभी भामाशाह के त्याग, उदारता और राष्ट्रसमर्पण के आदर्शों को अपने आचरण में आत्मसात करते हुए शिक्षा, सेवा, रोजगार सृजन और लोककल्याण के माध्यम से समृद्ध, आत्मनिर्भर, संवेदनशील एवं संस्कारित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय और सार्थक भूमिका निभाएँ।


