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किशनगंज : बच्चा चोरी की अफवाह और मॉब लिंचिंग की घटना रोकने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है किशनगंज पुलिस..

जनहित में जारी किशनगंज पुलिसकिशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, आये दिन बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं, बच्चा चोर की अफवाहों पर नकेल कसने के लिए किशनगंज पुलिस सोशल मीडिया द्वारा लोगों को जागरूक कर रही है।किशनगंज के पुलिस कप्तान कुमार आशीष की पहल पर फेसबुक/व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया तथा विभिन्न साइबर सेनानी ग्रुप के माध्यम से मॉब लिचिंग, बच्चा चोर का अफवाह, शराब सहित सभी प्रकार के नशे का त्याग करने को लेकर लोगों से अपील की जा रही है।हाल की घटनाओं को देखकर नकारा नहीं जा सकता है कि सोशल मीडिया आज बड़ा हथियार बन चुका है।उधर अफवाह और झूठी खबरें पुलिस व प्रशासन के लिए सिरदर्द बन रही हैं।ऐसे में पुलिस ने भी सोशल मीडिया को हथियार बनाया है।ताकि, लोगों को जागरूक किया जा सके।गत दिनों पुलिस की सतर्कता एवं आमजनों के सहयोग से किशनगंज, पोठिया, बहादुरगंज और टेढ़ागाछ के इलाके के आस पास मॉब लिंचिंग की घटना होते-होते रह गई थी।

आम तौर पर झूठी निकलती हैं बच्चा चोरी की अफवाहें

हाल के दिनों में जिले में बच्चा चोर की अफवाह फैलाई जा रही है।इसके शिकार अमूमन दिव्यांग, राहगीर, मंदबुद्धि व्यक्ति हो रहे हैं, जिन पर बच्चा चोर अथवा चोर होने का आरोप लगाकर भीड़ बिना जाने-समझे उन्हें मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दे रही है।सीमांचल के जिलों में ऐसी घटनाओं की जांच में बच्चा चोरी की अफवाह में कोई सच्चाई नहीं पाई गई।सिर्फ अफवाह के कारण हुई पिटाई से सूबे में कई लोग मोब लिंचिंग का शिकार होते होते बचे हैं।पुलिस और समाज के कुछ बुद्धिजीवी लोगों ने ससमय उनकी रक्षा की है और जिले में ऐसा महापाप होने से बचाया है।पुलिस कप्तान कुमार आशीष ने लोगों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, तो क्षेत्र के बुद्धिजीवी वहां के लोगों को समझाएं और पीड़ित को सुरक्षित स्थान/क्षेत्र ले जाएं।इसके बाद निकट के थाने में सूचना दें।श्री कुमार ने तमाम मुखिया, भूतपर्व मुखिया, सरपंच, वार्ड पार्षदों, वार्ड मेंबर, विधायक, सांसदों से अनुरोध करते हुए कहा की गांवों में, टोलों-मुहल्लों में और अपने-अपने क्षेत्रों में जन जागरण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें और बताये की बच्चा चोरी मात्र एक अफवाह है।और इस तरह की अफवाह को नजरअंदाज करें, तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दें, और ऐसी बातों पर ध्यान ना देकर विधि व्यवस्था के साथ खिलवाड़ ना करें और क़ानून को अपने हाथ में ना लें।ऐसी घटनाएं शर्मनाक है निंदनीय है।हम सब को इसमें संयम बरतने की जरूरत है।किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथों में ना लें, फ़ोटो वीडियो वायरल ना करें।ऐसे अपराध पर अत्यंत ही कड़ी सजा का प्रावधान माननीय सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखा है, अतः भूल कर भी ये गुनाह-ए-अज़ीम करने से बचे और दूसरों को भी जागरूक करें।

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