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किशनगंज : मेनका मौत मामले का खुलासा, नदी में डूबने से हुई थी मौत

लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई : एसपी

किशनगंज, 06 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सदर थाना क्षेत्र के शिवगंगा घाट, डुमरिया भट्टा स्थित नदी में 13 वर्षीय नाबालिग मेनका कुमारी की मौत के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि किशोरी की मौत नदी में डूबने से हुई थी। घटना के समय उसके साथ मौजूद दो मौसेरे भाइयों ने परिजनों के डर से पूरी बात छिपा ली थी।

शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि 28 मई को मेनका के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने सदर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 1 जून को माझिया नदी के शिवगंगा घाट के समीप उसका शव बरामद किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा सभी पहलुओं पर जांच शुरू की गई।

एसपी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों से पता चला कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों के साथ नदी में स्नान करने गई थी। जांच में सामने आया कि स्नान के दौरान वह नदी किनारे बने बांध से बार-बार पानी में छलांग लगा रही थी। इसी दौरान वह नदी के अधिक गहरे हिस्से में पहुंच गई और डूबने लगी।

दोनों बच्चों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी की गहराई अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना के बाद घबराहट और परिजनों के डर से उन्होंने किसी को भी डूबने की जानकारी नहीं दी। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों बच्चे बार-बार बयान बदल रहे थे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर परिजनों की मौजूदगी में पूछताछ किए जाने पर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। दोनों बच्चों ने बाद में न्यायालय में भी अपना बयान दर्ज कराया।

एसपी ने बताया कि 4 जून को उन्होंने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई की जांच और तलाशी अभियान चलाया गया। डॉग स्क्वायड एवं एफएसएल टीम द्वारा भी घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। वहीं श्वासनली, फेफड़े और पेट में रेत एवं मिट्टी के कण मिलने से चिकित्सकों ने मौत का कारण पानी में डूबना बताया है।

लापरवाही की होगी जांच

एसपी संतोष कुमार ने कहा कि मामले में वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर घटना का पटाक्षेप कर दिया गया है। वहीं प्राथमिकी दर्ज करने और शुरुआती अनुसंधान में कथित लापरवाही की जांच एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी कार्य और अनुसंधान में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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