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किशनगंज : हड्डियों में लगातार दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है हड्डी का टीबी: सीएस

किशनगंज, 26 जुलाई (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, हड्डियों या जोड़ों में लंबे समय तक रहने वाला दर्द, सूजन और अकड़न को सामान्य समस्या समझकर अनदेखा करना गंभीर साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराएं, क्योंकि यह हड्डी के टीबी का संकेत भी हो सकता है। जिले में चल रहे 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत संभावित मरीजों की सक्रिय पहचान और जांच तेज कर दी गई है।

जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम ने बताया कि टीबी केवल फेफड़ों तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि यह रीढ़, कूल्हे, घुटने, कोहनी और टखने जैसी हड्डियों व जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक दर्द, सूजन, चलने-फिरने में परेशानी, पीठ में लगातार दर्द या रीढ़ की बनावट में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और नियमित दवा से हड्डी के टीबी का सफल उपचार संभव है।

उन्होंने बताया कि जिले में 100 दिवसीय अभियान के तहत अब तक 4.74 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 3,20,273 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान 15,566 एक्स-रे और 3,734 नाट जांच कराई गई, जिसमें 718 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई है। इसके अलावा 2,064 लोगों को टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) दिया गया है तथा 1,052 उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए हैं।

टीबी मरीजों के उपचार में पोषण की भूमिका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के बीच फूड बास्केट का भी वितरण किया है। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में अब तक 952 फूड बास्केट वितरित किए जा चुके हैं, जबकि हाल ही में 225 मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि दवा के साथ पौष्टिक आहार और सामाजिक सहयोग मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना या हड्डियों एवं जोड़ों में लंबे समय से दर्द जैसे लक्षण होने पर निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, नियमित उपचार, पर्याप्त पोषण और सामुदायिक सहयोग से ही टीबी मुक्त किशनगंज और स्वस्थ गांव का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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