*सहकारी बैंकों में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं: माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/*एक माह में व्हाट्सएप बैंकिंग, तीन माह में मोबाइल बैंकिंग और नवंबर माह तक थम्ब इम्प्रेशन से भुगतान की सुविधा विकसित करने का निर्देश*
सहकारिता विभाग के माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने आज सहकारी बैंकों के कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सहकारी बैंकों को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक, डिजिटल एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।
माननीय मंत्री ने कहा कि “सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों का महत्वपूर्ण आधार हैं। अब इन्हें तकनीक और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से और मजबूत करना है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि ग्राहक को बैंकिंग सुविधा के लिए बैंक तक आने की आवश्यकता कम से कम पड़े और अधिकाधिक सेवाएं उसके मोबाइल एवं उसके गांव तक पहुंचें।”
उन्होंने निर्देश दिया कि सहकारी बैंकों में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए तथा विशेष कैंप एवं जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों के खाते खोले जाएं। उन्होंने जमा राशि में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया।
*डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित*
श्री राम कृपाल यादव ने डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा के साथ लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि—
• एक माह के भीतर ग्राहकों के लिए WhatsApp Banking की सुविधा विकसित की जाए।
• तीन माह के भीतर Mobile Banking सेवा प्रारंभ की जाए।
• नवंबर माह तक Thumb Impression के माध्यम से भुगतान की सुविधा विकसित की जाए।
*किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहकारी बैंकिंग से जोड़ने पर जोर*
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गयी कि अधिप्राप्ति के अंतर्गत किसानों को फसल क्रय की राशि PFMS के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों को सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान की जा रही है।
*4,477 PACS का डिजिटलीकरण, 100 PACS को FPO के रूप में किया जा रहा विकसित*
बैठक में PACS के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रथम चरण में 4,477 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे सहकारी समितियों के संचालन में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही 100 PACS को किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि किसानों को बाजार एवं आवश्यक संसाधनों से जोड़ा जा सके।
राज्य में 140 e-Stamp एवं 81 e-Court काउंटर संचालित हैं, जिनके माध्यम से ऑनलाइन e-Stamp एवं e-Court Fee जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
*सहकारी बैंकों की शाखाओं का होगा विस्तार*
सहकारी बैंकों के शाखा विस्तार की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बिहार राज्य सहकारी बैंक की दो नई शाखाओं के लिए RBI से सहमति प्राप्त हुई है। इनमें पटना एम्स में शाखा खोली जा चुकी है, जबकि दूसरी शाखा खोलने की प्रक्रिया जारी है।
इसके अतिरिक्त पात्रता के आधार पर मगध, आरा, सासाराम, मुंगेर-जमुई, बेगूसराय एवं सुपौल जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नई शाखाएं खोलने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
*Mobile Banking के लिए RBI Licence की प्रक्रिया तेज होगी*
समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार राज्य सहकारी बैंक के साथ-साथ सासाराम-भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक भी Mobile Banking के लिए पात्र हो गया है। दोनों बैंकों को RBI के PRAVAAH Portal पर आवेदन कर Mobile Banking Licence प्राप्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
*नकली नोटों की रोकथाम के लिए UV Lamp एवं NSM तत्काल लगाने का निर्देश*
नकली भारतीय मुद्रा नोट (FICN) की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा बिहार राज्य सहकारी बैंक की सभी संबंधित शाखाओं में UV Lamp एवं BIS मानक के अनुरूप Note Sorting Machine (NSM) तत्काल स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
इस बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख) श्री मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक श्री कामेश्वर ठाकुर, बिहार राज्य सहकारी बैंक लि. के प्रबंध निदेशक श्री अरविन्द कुमार पासवान, उप महाप्रबंधक श्री श्रीन्द्र नारायण एवं श्री अंकित कुमार उपस्थित रहे।



