माननीय कृषि मंत्री, बिहार ने पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री से की शिष्टाचार मुलाकात।।…

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त्रिलोकी नाथ प्रसाद:-आज बिहार के कृषि मंत्री श्री कुमार सर्वजीत ने पश्चिम बंगाल के माननीय कृषि मंत्री श्री सोवेनदेव चट्टोपाध्याय से उनके कार्यालय कक्ष, कोलकाता में शिष्टाचार मुलाकात की।

शिष्टाचार मुलाकात में कृषि मंत्री ने बिहार एवं बंगाल के कृषि क्षेत्र में सहयोग की सम्भावनाओं पर विचार-विमर्श किया। विचार- विमर्श के समय पश्चिम बंगाल के कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री ओंकार सिंह मीणा भी मौजूद थे ।

माननीय कृषि मंत्री बिहार ने बताया कि पश्चिम बंगाल देश में सबसे बड़ा सब्जी उत्पादक राज्य है, उसी प्रकार बिहार भी सब्जी उत्पादन में तीसरा स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में फिलहाल जैविक उत्पाद की जाँच हेतु National Accreditation Board for Testing & Calibration Laboratories (NABL) प्रयोगशाला की सुविधा प्रक्रियाधीन है, इसलिए राज्य के जैविक निर्यात के लिए जरूरी NABL लैब की सुविधा पश्चिम बंगाल से ली जाती है। बिहार से जैविक उत्पादों के निर्यात के लिए जलमार्ग एवं कार्गों की सुविधा के लिए पश्चिम बंगाल से सहयोग की अपेक्षा है। बिहार मखाना के उत्पादन में आगणी हैं। राज्य के किशनगंज जिला में चाय एवं अनानास की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। पश्चिम बंगाल सरकार से चाय एवं अनानास के विपणन एवं प्रसंस्करण में सहयोग से चाय एवं अनानास से जुड़े किसानों एवं व्यवसायियों को लाभ होगा।

माननीय मंत्री कृषि ने राज्य में कृषि यांत्रीकरण योजना में जीविका समूह के माध्यम से कृषि यंत्र बैंक के संचालन और फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्रों की प्राथमिकता के बारे में बताया। प्रधान सचिव कृषि पश्चिम बंगाल ने उनके प्रदेश में यांत्रीकरण योजना के

क्रियान्वन की प्रक्रिया के बारे में बताया

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कृषि विभाग 100 प्रतिशत गुणवत्तायुक्त बीज राज्य के किसानों को उपल्ब्ध कराता है । बिहार राज्य बीज निगम के पदाधिकारियो की टीम जल्द ही पश्चिम बंगाल का दौरा कर बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की प्रक्रिया देख कर बिहार में भी 100 प्रतिशत बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा । पश्चिम बंगाल एवं बिहार मिलकर सब्जी के उत्पादन, विपणन एवं प्रसंस्करण पर अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है।
माननीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही दोनो राज्यों के पदाधिकारियों की बैठक कर एक रणनीति तैयार करेंगे, जिससे दोनो राज्यों के किसान लाभान्वित होंगे।