*मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने की पीएम सूर्य घर योजना (ULA) की समीक्षा, अभियान मोड में होंगे सभी लक्ष्य पूरे*
*ऊर्जा सचिव श्री अजय यादव ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में लाई जा रही है तेजी, 4 लाख से अधिक लाभार्थियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड।*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।पटना। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (ULA) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवंबर 2026 तक योजना के सभी निर्धारित लक्ष्यों को अभियान मोड में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) श्री अजय यादव (भा.प्र.से.) ने योजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि परियोजना स्थलों पर माउंटिंग स्ट्रक्चर लगाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि 2.50 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 4,03,952 लाभार्थियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।
ऊर्जा सचिव ने बताया कि योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आईटीआई से प्रशिक्षित 4,155 तकनीकी मानवबल की जिला-वार सूची सभी डेवलपर्स को उपलब्ध करा दी गई है।
बैठक में योजना के कार्यों की नियमित निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा पात्र उपभोक्ताओं को समयबद्ध रूप से रूफटॉप सोलर प्रणाली का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से नवंबर 2026 तक योजना के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (भा.प्र.से.), साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.) सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
*पीएम सूर्य घर योजना के वेंडरों के साथ भी हुई समीक्षा बैठक*
ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, BSPHCL श्री अजय यादव (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में पीएम सूर्य घर योजना (ULA) के वेंडरों एवं संबंधित एजेंसियों के साथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में PDI की स्थिति, इंस्टॉलेशन की प्रगति तथा योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला-वार प्रगति की समीक्षा करते हुए इंस्टॉलेशन की संख्या में वृद्धि, कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले वेंडरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।


