*बिहार ने बनाया नया कीर्तिमान, रिकॉर्ड 9,155 मेगावाट सर्वाधिक बिजली आपूर्ति (पीक डिमांड) पूरी*
बढ़ती बिजली मांग बिहार में तेजी से हो रहे चहुंमुखी विकास का परिचायक : ऊर्जा मंत्री*
*हर नई पीक डिमांड के साथ और मजबूत हो रहा है बिहार का बिजली नेटवर्क : ऊर्जा सचिव*
– *मजबूत ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क से पूरे राज्य में निर्बाध रही बिजली आपूर्ति*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद पटना। बिहार ने विद्युत क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 3 जुलाई 2026 को रात्रि 10:58 बजे राज्य के इतिहास की सर्वाधिक 9,155 मेगावाट पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। रिकॉर्ड पीक डिमांड के बावजूद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रही है। यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा ट्रांसमिशन एवं वितरण अवसंरचना को मजबूत करने, ग्रिड क्षमता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रत्यक्ष परिणाम है।

श्री अजय यादव ऊर्जा सचिव सह सीएमडी
राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक, शहरी एवं कृषि क्षेत्रों में भी बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। नए उद्योगों की स्थापना, शहरों का विस्तार, वाणिज्यिक गतिविधियों में वृद्धि तथा कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए विद्युत आधारित संसाधनों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत सुविधाओं के व्यापक विस्तार और जीवन स्तर में सुधार से घरेलू उपभोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इन सभी क्षेत्रों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत अवसंरचना का निरंतर विस्तार एवं आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक श्रेणी के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ऊर्जा मंत्री , बिहार
बिहार में बिजली की मांग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। एक दशक पहले जहां राज्य की अधिकतम मांग लगभग 1,800 मेगावाट थी, वहीं अब यह बढ़कर 9,100 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। पहले वर्ष में एक बार दर्ज होने वाली उच्चतम मांग अब नियमित रूप से कई बार पार हो रही है। इसके बावजूद विद्युत प्रणाली बिना किसी बड़े व्यवधान के लगातार मांग का सफल प्रबंधन कर रही है, जो राज्य की मजबूत होती बिजली व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।
राज्य में ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर तथा वितरण नेटवर्क की क्षमता में निरंतर वृद्धि की गई है। आधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रभावी लोड मैनेजमेंट और सतत तकनीकी निगरानी के माध्यम से उच्चतम मांग के समय भी ग्रिड की स्थिरता बनाए रखी जा रही है। यही कारण है कि बढ़ती बिजली खपत के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध हो रही है।
ऊर्जा विभाग एवं विद्युत कंपनियों द्वारा पूरे विद्युत तंत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। संभावित तकनीकी चुनौतियों का पूर्व आकलन कर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाती है। वहीं उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1912 हेल्पलाइन तथा राज्य भर में संचालित फ्यूज कॉल सेंटर निरंतर सक्रिय है, जहां प्राप्त शिकायतों का त्वरित पंजीकरण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
माननीय ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली की मांग तेजी से हो रहे चहुंमुखी विकास का परिचायक है। बिहार बिजली के क्षेत्र में पूरे देश को नई दिशा दिखा रहा है। सरकार लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी प्रतिबद्धता के अनुपालन में ऊर्जा विभाग लगातार प्रयासरत है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए ऊर्जा परिवार के सभी सदस्यों को मैं हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद देता हूँ।
ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी, BSPHCL श्री अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा कि राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों पर आधारित ग्रिड प्रबंधन, क्षमता वृद्धि तथा रियल-टाइम मॉनिटरिंग के कारण बिहार लगातार रिकॉर्ड पीक डिमांड का सफलतापूर्वक प्रबंधन कर रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शिकायत निवारण तंत्र को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है।