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किशनगंज : मलेशिया में रेड के बाद जंगल में छिपे भारतीय युवक, चोटिलों को इलाज नहीं मिलने का दावा

किशनगंज, 10 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मलेशिया में कथित रेड के बाद कई भारतीय युवकों के जंगल में छिपे होने का मामला सामने आया है। युवकों ने वीडियो भेजकर पूर्व विधायक मुजाहिद आलम को अपनी स्थिति की जानकारी दी है। वीडियो में रेड के दौरान भागने के क्रम में कुछ युवकों के गंभीर रूप से घायल होने तथा इलाज नहीं मिलने का दावा किया गया है।

पूर्व विधायक मुजाहिद आलम के अनुसार, वीजा नहीं होने के कारण घायल युवकों को स्थानीय स्तर पर दवा और इलाज मिलने में परेशानी हो रही है। वीडियो में रिजवान आलम नामक युवक ने बताया कि वह घर से करीब 300 रुपये की दवा लेकर आया था और फिलहाल उसी दवा का सेवन कर रहा है।

पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने बताया कि मामले को लेकर भारतीय दूतावास से बातचीत की गई है। हालांकि, अभी तक गिरफ्तार युवकों को कहां रखा गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। जंगल में छिपे अन्य युवकों को भी अपने साथियों के ठिकाने की जानकारी नहीं है। युवकों पर मलेशिया में कौन-कौन से आरोप और धाराएं लगाई गई हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने नाहिद गनी से जेल में बंद युवकों को जल्द बाहर निकालने और उनकी सुरक्षित वतन वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही जंगल में छिपे अन्य युवकों को भी सुरक्षित वापस लाने की पहल करने को कहा है।उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर नाहिद गनी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इधर, पूर्व विधायक ने बताया कि कुट्टी पंचायत निवासी मो. मुमतजीर आलम भी दुबई में फंसे हुए हैं। उन पर ट्रैवल बैन के साथ 15 हजार दिरहम का जुर्माना लगाया गया है। हाल ही में हादसे में उनका हाथ भी फ्रैक्चर हुआ है। मुजाहिद आलम के अनुसार, मुमतजीर आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और 15 हजार दिरहम का जुर्माना भरने में सक्षम नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि मुमतजीर की वतन वापसी के लिए पहले भी भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया था।दूतावास के निर्देश पर अब परिवार की 60 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाण, हादसे का एक्स-रे और चिकित्सकीय रिपोर्ट संलग्न कर पुनः पत्र भेजा गया है। इसमें ट्रैवल बैन हटाने और 15 हजार दिरहम का जुर्माना माफ कर मुमतजीर को भारत वापस लाने की मांग की गई है।

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