किशनगंज : बाढ़ पूर्व तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, संवेदनशील स्थलों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश

किशनगंज, 07 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय स्तिथ सभागार में जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की बाढ़ पूर्व तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। डीएम ने सभी विभागों को समन्वय के साथ सतर्क रहकर कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।
बैठक में पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की प्रमुख नदियों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों की स्थिति, नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री, बाढ़ आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल, सड़क मरम्मत और आपातकालीन संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. उमैर ने बताया कि जिले में 17 स्थानों पर कटाव निरोधी कार्य पूरा हो चुका है तथा 33 संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों पर ईसी बैग का भंडारण कर आवश्यक स्थानों की पहचान कर ली गई है। जिले में छह सरकारी और 33 निजी नाव परिचालन के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा आठ बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण पूरा कर संबंधित अंचलों को सौंप दिया गया है, जबकि सभी प्रखंडों में कुल 220 बाढ़ आश्रय स्थल एवं सामुदायिक रसोई केंद्र चिह्नित किए गए हैं।
डीएम ने कम्युनिकेशन प्लान के तहत सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबरों का सत्यापन, नावों का भौतिक निरीक्षण तथा संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। सिविल सर्जन को बाढ़ के दौरान आवश्यक 31 प्रकार की दवाएं, ओआरएस, एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और अन्य जरूरी औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं पशु चिकित्सा सेवाओं की भी समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जिले में चापाकलों की मरम्मत के लिए सात दल गठित किए गए हैं। अब तक 1,239 चापाकलों की मरम्मत और 35 नए चापाकलों की स्थापना की जा चुकी है। डीएम ने बाढ़ आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोई, राहत सामग्री, फसल क्षति आकलन और अनुग्रह अनुदान मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर दिया।



