बिहारब्रेकिंग न्यूज़भ्रष्टाचारराज्य

सहरसा : 55 लाख की रिफ्यूज कंपैक्टर मशीन दो वर्षों से बेकार, जांच की उठी मांग

सहरसा, 18 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व करीब 55 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई रिफ्यूज कंपैक्टर मशीन आज तक उपयोग में नहीं लाई गई है। मशीन खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने के कारण जंग खा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, नगर परिषद ने अध्यक्ष एवं सशक्त स्थायी समिति के अनुमोदन पर उक्त मशीन की खरीद की थी। हालांकि खरीद के करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद नगर क्षेत्र में एक दिन भी इसका उपयोग नहीं किया गया। ऐसे में मशीन की आवश्यकता, उपयोगिता और खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजद नगर परिषद अध्यक्ष एवं वार्ड संख्या 12 निवासी सुरेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि मशीन की खरीद जनहित के बजाय कमीशनखोरी अथवा संबंधित एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा अधिकांश सामग्रियों की खरीद राजस्थान की फर्म श्री राम इंटरप्राइजेज से की जाती रही है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित फर्म को हाल ही में वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा हाईमास्ट लाइट लगाने में सेवा शर्तों के उल्लंघन के मामले में ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके बावजूद पूर्व में उसी फर्म को लगातार कार्य और आपूर्ति के आदेश दिए जाते रहे।

सुरेंद्र यादव ने कहा कि जनता के कर से प्राप्त सरकारी धन का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। ऐसे में लाखों रुपये की मशीन का वर्षों तक अनुपयोगी पड़े रहना गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है।उन्होंने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से रिफ्यूज कंपैक्टर मशीन की खरीद प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने, खरीद की वास्तविक आवश्यकता और उपयोगिता का परीक्षण करने तथा दो वर्षों तक मशीन के उपयोग नहीं होने के कारणों की पड़ताल करने की मांग की है।साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा पद के दुरुपयोग का मामला सामने आता है तो दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने जांच प्रतिवेदन को सार्वजनिक करने तथा सरकारी धन की क्षति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों से राशि की वसूली करने की भी मांग की है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!