
रांची//राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या और दान पेटी से लाखों रुपए चोरी के मामले में रांची के एसएसपी राकेश रजन की देख–रेख में पुलिस ने 24 घंटे के अन्दर खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता शामिल है। पुलिस ने इन आरोपियों की निशानदेही पर कुल 3 लाख 977 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े, ताला तोड़ने में इस्तेमाल चार लोहे के रॉड, टूटे हुए दो ताले, नया खरीदा गया कपड़ा और उसकी रसीद भी बरामद की गई है।बता दे कि तीनों आरोपी मंदिर के पास वाली बस्ती के रहने वाले हैं और चोरी करने के इरादे से मंदिर में घुसे थे। जब गार्ड ने उन्हें पहचान लिया, तो पकड़े जाने के डर से उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार 25 अप्रैल को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने किया। इस दौरान रांची के सिटी एसपी परस राणा एवं ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी भी उपस्थित रहे।
24 अप्रैल की रात हुई थी वारदात
एसएसपी राकेश रंजन ने मीडिया को प्रेसवार्ता में बताया कि बीते 24 अप्रैल शुक्रवार को जगन्नाथ मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद अपराधियों ने मंदिर की दान पेटी भी तोड़ दी और उसमें रखे कैश लेकर फरार हो गए थे।जिसके बाद इलाके में तहलका मच गया था।मंदिर में हुए हत्या और चोरी की खबर से लोग गुस्से एवं आक्रोश में थे। वही घटना के बाद आदिवासी संगठनों ने जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क जाम कर अपना विरोध जताया था।
एसएसपी ने किया स्पेशल टीम का गठन
जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन की देख–रेख एवं सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में तुरंत एसआईटी का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सिटी एसपी पारस राणा कर रहे थे। पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले। साथ ही तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को तीन संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली।
हत्यारे मंदिर के पास के ही निकले
जांच के बाद पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता हैं। तीनों ही जगन्नाथपुर स्थित न्यू कॉलोनी इलाके के रहने वाले हैं। कड़ी पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे मंदिर में चोरी करने पहुंचे थे। उसी दौरान सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें देख लिया और पहचान लिया।
राज ना खुले इस लिए कर दी हत्या
एसएसपी राकेश रंजन ने आगे बताया कि मंदिर के गार्ड ने जब आरोपियों को पहचान लिया तो उन्हें लगा कि अब सारा राज खुल जायेगा और वे पकड़े जाएंगे। इसी डर में उन्होंने बिरसा मुंडा पर पत्थर से हमला कर दिया। गंभीर चोट एवं लहू लुहान होने के कारण उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने दान पेटी तोड़ा और उसमें रखे नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद उन्होंने नए कपड़े भी खरीदे और काफी पैसा खरीदारी में खर्च कर डाला।
आरोपियों का है पूर्व का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि देव कुमार उर्फ रचित कुमार पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ जगन्नाथपुर, पुंदाग, विधानसभा और धुर्वा थाना में चोरी और अन्य मामलों के केस दर्ज हैं। वहीं विकास महली के खिलाफ भी सुखदेव नगर थाना में मामला दर्ज है, जिसमें पोक्सो एक्ट की धारा भी शामिल है।

एसएसपी ने भगवान जगन्नाथ का लिया आशीर्वाद
सुरक्षा गार्ड हत्याकांड के संदेही गुनहगारों को दबोचने के बाद और खुलासा करने से पहले एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, एवं हटिया डीएसपी प्रमोद मिश्रा रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ के सामने माथा टेका, पूजा–अर्चना की एवं आशीर्वाद लिया। उसके बाद मंदिर परिसर एवं आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वही मौके पर मौजूद अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे की संख्या बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

(पूरे मामले का खुलासा करते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन)देखे वीडियो…



