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*नालंदा में पिता के सामने बेटी के साथ दरिंदगी मामले में पीड़ितों से मिले सांसद पप्पू यादव*

*पीड़ित परिजनों को दिया 25000 की आर्थिक मदद और न्याय की लड़ाई लड़ने का आश्वासन*

*महिला आयोग और पप्पू यादव पर उंगली उठाने वाले नेताओं से पूछा सवाल, क्यों नहीं रुक रही बेटियों के खिलाफ अपराध*

*घटना अक्षम्य है, दोषी किसी भी सूरत बक्शे ना जाएं : राजू दानवीर*

सोनू यादव/नालंदा जिले के कपटसरी गांव में बीते दिनों एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। आज इस संवेदनशील मामले में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। सांसद का यह दौरा उस घटना के संदर्भ में था, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ उसके पिता के सामने दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

सांसद पप्पू यादव जब कपटसरी गाँव पहुंचे तो उन्होंने सीधे पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए घर में ही लटका दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका घर इतना छोटा है कि उसमें इस तरह फांसी लगाना संभव ही नहीं है, जिससे हत्या की आशंका और गहरा जाती है। परिजनों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़ित परिवार की व्यथा सुनकर सांसद पप्पू यादव भावुक हो गए और उन्होंने मौके पर ही प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे इस मामले को लेकर व्यापक आंदोलन करेंगे और संसद में भी इसे उठाएंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और आश्वासन दिया कि इस संघर्ष में वे हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।

इस दौरान सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो महिलाओं को कमजोर समझकर उनका शोषण करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उनके किसी बयान से महिलाओं को ठेस पहुंची हो तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आई महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और किसी भी तरह की गलत प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सांसद ने देशभर में महिलाओं के खिलाफ हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह समस्या केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के सामने एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों से लेकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने गंभीर मामले सामने आते हैं, तब कई लोग चुप क्यों रहते हैं, और केवल चुनिंदा मामलों पर ही प्रतिक्रिया क्यों दी जाती है।

उन्होंने ग्रामीण समाज से भी अपील की कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। सांसद ने कहा कि अगर समाज खुद जागरूक नहीं होगा तो ऐसे अपराधियों का मनोबल बढ़ता जाएगा और भविष्य में कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रह पाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें और अपराध के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।

मौके पर उपस्थित युवा नेता और समाजसेवी राजू दानवीर ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे और उनकी टीम पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे।

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