माननीय उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सर्वेक्षण एवं सीमा स्तंभों के रखरखाव कार्य को लेकर आयोजित पहली फील्ड सर्वे टीम (FST) बैठक का सफल आयोजन अत्यंत सराहनीय है।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/यह बैठक न केवल भारत और नेपाल के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करती है, बल्कि सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मैं इस सफल आयोजन के लिए सर्वे ऑफ इंडिया, सशस्त्र सीमा बल (SSB), संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं विशेष रूप से पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी को बधाई देता हूं, जिन्होंने उत्कृष्ट समन्वय और व्यवस्थाओं के साथ इस बैठक को सफल बनाया। नेपाली प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई सराहना हमारे प्रयासों की पुष्टि करती है।
राज्य सरकार सीमा क्षेत्रों में विकास, सुरक्षा और सुव्यवस्थित भू-प्रबंधन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह की संयुक्त पहल से सीमा स्तंभों के रखरखाव, पुनर्निर्माण एवं सर्वेक्षण कार्यों में तेजी आएगी और भविष्य में भी भारत-नेपाल के बीच सहयोग और सुदृढ़ होगा।
भारत-नेपाल सीमा सर्वे कार्य में बड़ी प्रगति, पहली फील्ड सर्वे टीम (FST) बैठक सफलतापूर्वक संपन्न
मोतिहारी में आयोजित बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों की भागीदारी, नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने की व्यवस्थाओं की सराहना
पटना/मोतिहारी : भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सर्वेक्षण एवं सीमा स्तंभों के रखरखाव से जुड़े कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहली फील्ड सर्वे टीम (FST) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में भारत और नेपाल दोनों देशों के अधिकारियों ने भाग लिया और सीमा सर्वे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह बैठक भारत सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें बिहार के सीमावर्ती सात जिलों यथा किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से विचार किया गया।
मोतिहारी में आयोजित इस बैठक के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं। जिला प्रशासन, विशेषकर जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण श्री सौरभ जोरवाल द्वारा हर स्तर पर सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया, जिससे बैठक का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सका।
बैठक में सशस्त्र सीमा बल (SSB), सर्वे ऑफ इंडिया, वन विभाग के अधिकारी तथा नेपाल के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं सर्वे अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान सीमा स्तंभों के रखरखाव, क्षतिग्रस्त या लापता स्तंभों के पुनर्स्थापन तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान की गई व्यवस्थाओं और समन्वय की सराहना करते हुए इसे प्रभावी और सुव्यवस्थित बताया।
उल्लेखनीय है कि भारत-नेपाल सीमा पर कुल 5,312 सीमा स्तंभ स्थित हैं, जिनके रखरखाव एवं पुनर्निर्माण के लिए दोनों देशों के बीच समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। यह बैठक वर्ष 2025-26 की स्वीकृत कार्ययोजना के तहत आयोजित की गई, जिससे सीमा प्रबंधन और सर्वे कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

