
रांची: आज भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के निष्कासन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शाही ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने योगेंद्र साव के खिलाफ जिस तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया, क्या वैसी ही कार्रवाई किसी अल्पसंख्यक नेता के खिलाफ भी की जाती? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर योगेंद्र साव का दोष क्या है—क्या सिर्फ इसलिए कि उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाई? भानु प्रताप शाही ने कहा कि योगेंद्र साव एक समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं और उनका पूरा परिवार वर्षों से पार्टी से जुड़ा रहा है। उन्होंने पार्टी के टिकट पर विधायक और मंत्री के रूप में काम किया, वहीं उनकी पत्नी और बेटी भी विधायक रह चुकी हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह फैसला कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की एक महिला विधायक ने भी इस कार्रवाई को उचित नहीं माना है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस के अंदर भी इस फैसले को लेकर असहमति है। शाही ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री के साथ ऐसी क्या “डील” हुई कि पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कई नेता, जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, अक्सर विवादित बयान देते हैं, लेकिन पार्टी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। अंत में भानु प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
