
पूर्व सांसद फुरकान असारी ने 12 मई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार-पूलिंग करने, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने, सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे “देश की आर्थिक विफलता का सार्वजनिक स्वीकार” बताया। फुरकान अंसारी ने कहा कि जब सरकारें सफल होती हैं तो जनता को राहत देती हैं, लेकिन जब सरकारें असफल होती हैं तो जनता से त्याग मांगती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील केंद्र सरकार की कमजोर आर्थिक नीतियों और विफल प्रबंधन का प्रमाण है।उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और युवा सबसे ज्यादा परेशान हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है, रोजगार घट रहे हैं और छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार जनता को “जिम्मेदार नागरिक” बनने का पाठ पढ़ा रही है। फुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान हजारों करोड़ रुपये खर्च कर चार्टर विमान उड़ाए जाते हैं और बड़े-बड़े रोड शो आयोजित किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम लोगों को पेट्रोल बचाने और घूमना बंद करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सारी पाबंदियां सिर्फ गरीब और मध्यम वर्ग के लिए ही क्यों लागू होती हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद जनता को राहत मिलती थी, जबकि आज कच्चे तेल की कीमत कम होने और रूस से रियायती तेल मिलने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार टैक्स के जरिए जनता की जेब काट रही है और राष्ट्रवाद के नारों के जरिए लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है।फुरकान अंसारी ने कहा कि भारतीय परिवारों के लिए सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का माध्यम है। गरीब परिवार बेटियों की शादी, बीमारी और संकट के समय के लिए थोड़ा-थोड़ा सोना जोड़ते हैं। ऐसे में “सोना मत खरीदिए” जैसी अपील जमीन से कटे हुए नेतृत्व की मानसिकता को दर्शाती है उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि केवल बड़े-बड़े भाषण और विज्ञापन से समस्याओं का समाधान नहीं होता। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल तैयार कर रही है। फुरकान अंसारी ने हेमंत सोरेन सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड में महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह सहायता और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लोगों को राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में संवेदनशील सरकार नहीं होती तो हालात और अधिक भयावह हो सकते थे। अंत में उन्होंने कहा कि देश को भाषण और अपील नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक नीति, रोजगार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण और जनता को राहत देने वाली सरकार की जरूरत है।


