किशनगंज में अपराध गोष्ठी आयोजित, माफियाओं व फरार अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश
किशनगंज,13मार्च(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, पुलिस सभागार में अपराध निरोध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने की। गोष्ठी में सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न शाखाओं के पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक, सभी थानाध्यक्ष तथा शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति, लंबित मामलों के निष्पादन और अनुसंधान की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को एंट्री माफिया, बालू माफिया, मवेशी माफिया और अन्य संगठित अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके लिए धारा 107 बीएनएसएस और Prevention of Money Laundering Act के तहत प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
एसपी ने थानाध्यक्षों को लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाने और रिपोर्टिंग कांडों की तुलना में कम से कम 30 प्रतिशत अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया। बैठक में मॉब लिंचिंग और भीड़ हिंसा की घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने तथा सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा एनबीडब्ल्यू, इस्तेहार और कुर्की से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र निष्पादित करने तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को दागी और फरारी अपराधियों की सूची अद्यतन रखने, गुंडा परेड आयोजित करने तथा जेल से छूटे संपत्तिमूलक अपराधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और निरोधात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया।
बैठक में प्रत्येक थाना से टॉप-10 अपराधियों की सूची, गंभीर कांडों का विवरण, संगठित अपराध, भूमि विवाद और सांप्रदायिक मामलों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणालियां के प्रभावी उपयोग और सिटीजन सर्विस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर भी जोर दिया गया।
इस दौरान महत्वपूर्ण मामलों के सफल निष्पादन करने वाले पदाधिकारियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत किया गया, जबकि असंतोषजनक कार्य करने वाले पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों को अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने का निर्देश दिया गया।



