किशनगंज : ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल
स्वच्छता एवं पोषण दिवस के माध्यम से टीकाकरण, मातृत्व स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष फोकस

किशनगंज,06फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जन-जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में जिले भर में शुक्रवार को ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना रहा।
जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान टीकाकरण, मातृत्व स्वास्थ्य, पोषण, परिवार नियोजन एवं किशोरी स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों एवं अभिभावकों ने कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। नियमित टीकाकरण, गर्भावस्था जांच, पोषण परामर्श तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेन्द्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण अब केवल अभियान तक सीमित नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण माताओं एवं बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और लक्ष्य यह है कि कोई भी गर्भवती महिला या नवजात आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन को लेकर दंपतियों के साथ संवाद किया गया तथा उन्हें सही समय पर उचित निर्णय लेने हेतु परामर्श दिया गया।
वहीं ग्रामीण किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान किशोरियों के बीच स्वच्छता किट का वितरण कर स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आत्मसम्मान से जुड़े विषयों पर जागरूक किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने का निरंतर मिशन है। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंचेंगी, तब तक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ गांव-गांव तक सेवाएं पहुंचाने में जुटा है।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य को लेकर समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं हर जरूरतमंद तक समय पर पहुंच सकें।


