प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पर अररिया के 10 ग्रामीण आवास सहायकों पर कार्रवाई, एक वर्ष तक 10% मानदेय कटौती

अररिया,27अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/अब्दुल कैय्युम, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर जिला स्तर पर की गई समीक्षा में कई पंचायतों में प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई है। आवास सॉफ्ट पर उपलब्ध डाटा के आधार पर की गई पंचायतवार समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि कई बार निर्देश देने के बावजूद भी प्लीथ स्तर एवं आवास पूर्णता में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा की जाती है, जिसमें अररिया जिले की प्रगति निराशाजनक रही है। इस स्थिति को देखते हुए उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी ने कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले 10 ग्रामीण आवास सहायकों पर एक वर्ष तक मूल मानदेय में 10 प्रतिशत कटौती का दंड अधिरोपित किया है।
जिन ग्रामीण आवास सहायकों पर यह दंड लागू किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- मो० साकिब आलम (बेलवा एवं बाँची)
- मो० इम्तियाज आलम (रामपुर मोहनपुर पूरब)
- पिंकी कुमारी (कमलदाहा)
- विकास कुमार (गैरा)
- राकेश रोशन (चैनपुर मसूरिया एवं गिरदा)
- अश्विनी कुमार मंडल (गेरकी मसूरिया)
- दिलीप कुमार पासवान (पहुँसी)
- कौशर आलम (लैलोखर)
- शाहनवाज अख्तर (भीखा)
- अजय कुमार मंडल (मिर्जापुर पंचायत)
बताया गया कि पूर्व में दिनांक 23 अगस्त 2025 को पत्रांक 1564/अभि० द्वारा सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन न तो संतोषजनक उत्तर मिला और न ही प्रगति में कोई सुधार दिखा।
हालांकि, संबंधित ग्रामीण आवास सहायक यदि चाहें तो विभागीय पत्रांक 196, दिनांक 25.03.2025 के आलोक में 30 दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं।
यह कार्रवाई न केवल अन्य कर्मियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि सरकार की विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।