राजनीति

खनिज संपदा पर राज्यों के अधिकार कमजोर करना झारखंड के हितों पर सीधा प्रहार : शिल्पी नेहा तिर्की

रांची 13 अगस्त: लोकसभा में हाल ही में पारित खनन एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य के खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व पर किसी भी प्रकार का अंकुश झारखंड के आर्थिक हितों और करोड़ों राज्यवासियों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।मंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती देश को खनिज संपदा देती है, लेकिन उसी खनिज से मिलने वाले राजस्व पर राज्य का अधिकार कमजोर किया जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार खनिज राजस्व का उपयोग गरीब, किसान, युवा, महिला और आम नागरिकों के हित में कर रही है। उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व से मंईयां सम्मान योजना, छात्रवृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूती मिलती है। ऐसे में राज्य के राजस्व स्रोतों को सीमित करने का सीधा असर विकास योजनाओं और आम जनता के हितों पर पड़ेगा। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड केवल देश को खनिज संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला प्रदेश है। इसलिए खनिज संपदा से जुड़े आर्थिक हितों की रक्षा करना झारखंड की जनता का संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और ऐसे प्रावधानों को वापस लिया जाए, जिनसे राज्यों के वित्तीय अधिकार एवं राजस्व हित प्रभावित होते हों। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “झारखंड अपने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा। राज्य के अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।”मंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकारों की लड़ाई केवल किसी सरकार या राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह राज्य की जनता के भविष्य और उसके संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। राज्य के संसाधनों पर झारखंड के हितों की रक्षा के लिए सरकार हर लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच पर अपनी आवाज मजबूती से उठाएगी।

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