श्रुति कम्युनिकेशन ट्रस्ट के चैनल तले “केवल सच” राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका ने बड़े धूमधाम के साथ राष्ट्र प्रेम से सराबोर होकर अपना 21वां स्थापना वर्ष राजधानी पटना के अधिवेशन भवन, सिंचाई भवन सचिवालय कैम्पस में मनाया गया।….

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/विदित हो की उक्त स्थापना वर्ष के अवसर पर “केवल सच” स्वाधीनता आंदोलन के अग्रदूत, सिपाही विद्रोह के नायक, प्रथम स्वतंत्रता सेनानी ‘शहीद क्रांतिकारी मंगल पांडेय’ की जीवनी और संघर्ष पर उनकी जयंती के अवसर पर यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
केवल सच के 21वें स्थापना वर्ष के कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ठ अतिथियों में बिहार विधान सभा अध्यक्ष, डॉ० प्रेम कुमार, मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार श्री अशोक चौधरी, खान एवं भूतत्व तथा कला एवं सस्कृक्ति मंत्री, विहार श्री प्रमोद कुमार, शिक्षा मंत्री, बिहार श्री मिथिलेश तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मजदूर यूनियन कांग्रेस (इंटक) श्री चंद्रप्रकाश सिंह एवं सहरसा विधायक आई.पी. गुप्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार एवं मजदूर यूनियन कांग्रेस (इंटक) श्री चंद्रप्रकाश सिंह एवं केवल सच के संपादक सह संस्थापक ब्रजेश मिश्र के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उसके बाद मंचासीन अतिथियों ने क्रांतिकारी मंगल पांडे जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए केवल सच द्वारा प्रकाशित विशेषांक “देश की आजादी एवं क्रांतिकारी युवा” का विमोचन मंचासीन अतिथियों के हांथों संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान समाज में उत्कृष्ट कार्य से सेवा दे रहे कर्मयोगियों को “क्रांतिकारी मंगल पांडे केवल सच सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मंच पर उपस्थिति अतिथियों के हांथो दिया गया।

केवल सच के स्थापना वर्ष और क्रांतिकारी मंगल पांडे पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने कहा की, 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध खुला विद्रोह किया। यह केवल एक सैनिक का विद्रोह नहीं था, बल्कि यह उस राष्ट्र की आत्मा की पुकार थी, जो वर्षों से स्वतंत्रता के लिए तड़प रही थी। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार किया और 8 अप्रैल 1857 को फाँसी पर चढ़ा दिया, लेकिन वे यह नहीं जानते थे कि वे एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि एक विचार को फाँसी दे रहे हैं। वह विचार आगे चलकर पूरे भारत में फैल गया और 1857 की महान क्रांति का रूप लेकर स्वतंत्रता आंदोलन की नींव बन गया। मंगल पाण्डेय का बलिदान हमें यह सिखाता है कि साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी होती है। उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान देकर यह संदेश दिया कि मातृभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं होता।

कार्यक्रम में उपस्थित बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री डॉ० अशोक चौधरी ने कहा की आज हम जिस स्वतंत्र भारत में खुली हवा में साँस ले रहे हैं, उसके पीछे ऐसे असंख्य वीरों का त्याग और बलिदान छिपा है। आज के समय में हमें हथियार उठाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमें सत्य, ईमानदारी, संवेदनशीलता और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा का परिचय देना है। विशेष रूप से पत्रकारिता, शिक्षा, प्रशासन, न्याय और सामाजिक जीवन से जुड़े लोगों का दायित्व है कि वे समाज में सत्य और नैतिकता की मशाल जलाए रखें। यही शहीद मंगल पाण्डेय के आदशों का वास्तविक सम्मान होगा। केवल सच सम्मान समारोह केवल सम्मान देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों को सम्मानित करने का अभियान है, जिनके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सत्य, साहस, राष्ट्रहित और जनसेवाये चारों मूल्य मंगल पांडे के जीवन की पहचान थे और यही इस समारोह की भी आत्मा है। हम सभी संकल्प लें कि अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च स्थान देंगे। हम अपने कार्यों से

ऐसा भारत बनाने में योगदान देंगे, जिसका सपना शहीद मंगल पाण्डेय और हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था। उन्होंने कहा की बिहार ने देश के विकास में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने केवल सच के स्थापना दिवस पर प्रो० गजेंद्र प्रसाद गडकर, डॉ० अजय कुमार, चंद्रशेखर आजाद, कृष्ण मुरारी प्रसाद, कोतवाली एएसपी, सुनील कुमार गिरी, अमित कुमार पटेल, एसडीपीओ सहित दर्जनों पत्रकारों को ‘मंगल पाण्डेय केवल सच सम्मान 2026′ से सम्मानित किया एवं केवल सच के सभी पत्रकारों एवं संपादक ब्रजेश मिश्रा को शुभकामनायें एवं बधाई दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि खान एवं भूतत्व तथा कला एवं सस्कृति मंत्री, बिहार श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि कलम चलाना आसान काम नहीं है, वह भी पत्रकारिता की और आज केवल सच पत्रिका 20 वर्ष पूरा कर 21 वाँ स्थापना वर्ष इतने पत्रकारों के बीच मना रही है। यह काफी खुशी की बात है। आज जहां लोग प्रिंट मीडिया से दूर होते जा रहे हैं और डिजीटल होते जा रहे हैं। ऐसे में केवल सच्च लगातार 20 वर्षों से अपना प्रकाशन कर रहा है। इसके लिए मैं ब्रजेश जी और उनकी टीम को बधाई देता हूं। क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर केवल सच द्वारा “देश की आजादी एवं क्रांतिकारी युवा” प्रकाशित विशेषांक हमारे इतिहास को बताने का काम कर रही है। मंगल पांडे के संर्घष और अंग्रेजों के विरोध में स्वाधीनता के लिए किया गया विद्रोह ने आजादी की लड़ाई की नीव रखी और वह प्रथम अग्रदूत बने। उनके जयंती पर केवल सच द्वारा कराया जा रहा कार्यक्रम प्रशंसनीय है।
कार्यक्रम में उपस्थित बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने केवल सच के 21वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में क्रांतिकारी मंगल पांडे जी पर किये जा रहे कार्यक्रम की शुभकामना देते हुए संपादक ब्रजेश मिश्र जी को धन्यवाद दिया और कहा कि 20 वर्षों का सफर तय करना कम नहीं होता और केवल सच ने 20 वर्षों का प्रकाशन कर अपना 21वाँ स्थापना वर्ष मना रहा है इसमें समस्त संपादक ब्रजेश मिश्र जी के साथ सारे पत्रकारों की मेहनत का नतीजा है। मैं ब्रजेश जी को विधायक बनने के पूर्व से ही जानता हूं, इनका जुनून और तेवर बिल्कुल क्रांतिकारी मंगल पांडे जी जैसा है। आप अपने तेवर को कभी नहीं बदलीयेगा, यही आपकी सफलता की पूंजी है। क्रांतिकारी मंगल पांडे ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह इसलिए शुरू किया, क्योंकि उन्हें बंदूक में डालने वाले कारतूस गाय और सुअर के चर्बी से बना होता था। अंग्रेज धार्मिक प्रभाव डालना चाह रहे थे, जिसका मंगल पांडेय ने विरोध किया और उन्हें फांसी दे दी गई। उनके फांसी से सिपाहियों में विद्रोह फैला और 1857 का यह सिपाही विद्रोह स्वाधिनता का चिंगारी बना। आगे शिक्षा मंत्री ने शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुत जल्द बिहार में शिशु मंदिर विद्यालय का निर्माण कराया जायेगा साथ ही जिस प्रकार संस्कृत विद्यालय और संस्कृत की पढ़ाई विलुप्त हो रही है उसपर काम किया जा रहा हैं। मैंने कई राज्यो में घूमकर वहां की शिक्षा नीति को समझा है और उसी प्रकार की शिक्षा प्रणाली पर कार्य किया जायेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सहरसा विधायक श्री आई.पी. गुप्ता ने केवल सच को 21वें स्थापना वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि आज के समय में पत्रकारिता कठिन हो गई है। अगर आप कोई सच्ची खबर लिखते हैं तो पत्रकारों और उनके परिवार में भय रहता है कि कही कुछ हो न जाये। कई मामलों में पत्रकारों की जाने गई, जो सच्ची पत्रकारिता करते थे। आज यूट्यूब के जवाने में प्रिंट मीडिया विलुप्त होती जा रही है, लेकिन ब्रजेश जी जैसे पत्रकार भी हैं जिन्होंने उसे जिंदा रखा है और इसका सबूत है इनके 20 वर्षों का प्रकाशन। पत्र पत्रिकाओं के प्रकाशन में विज्ञापन सबसे महत्वपूर्ण होता है और अगर ना मिले तो प्रकाशन कर पाना मुश्किल होता है, इस कठिनाई को समझना होगा। आज केवल सच अपने स्थापना वर्ष पर क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती मना रहा है और “देश की आजादी एवं क्रांतिकारी युवा” नाम के विशेषांक को प्रकाशित किया गया है साथ ही “क्रांतिकारी मंगल पांडे केवल सच सम्मान 2026” के तहत कर्मयोगियों को सम्मानित किया जा रहा है, जो अति प्रशंसनीय है। इसके लिए मैं संपादक ब्रजेश मिश्र जी को बधाई एवं शुभकामना देता हूं।
कार्यक्रम में उपस्थित मजदूर यूनियन कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केवल सच के मुख्य संरक्षक श्री चंद्र प्रकाश सिंह ने केवल सच के 21वें स्थापना वर्ष पर आयोजित इस कार्यक्रम के लिए संपादक ब्रजेश मिश्र और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मैं केवल सच के इन 21 वर्षों को देखते आ रहा हूं। जब केवल सच 2006 में इसका प्रथम अंक का प्रकाशन हुआ था तो ब्रजेश जी काफी चिंतित थे कि आगे का सफर पूरा कैसे होगा? किंतु हमलोगों ने विश्वास दिलाया की आप सक्षम हैं और निरंतर पत्रिका का प्रकाशन होगा और आज 20 वर्ष पूरे होने के बाद 21 वर्ष में प्रवेश के साथ गर्व से कह सकते हैं कि केवल सच अपने मुकाम पर पहुंच चुका है और आपने करके दिखा दिया कि हौसला अगर मजबूत हो तो कोई भी कार्य छोटा बड़ा नहीं होता। आपके साथ जुड़ा पत्रकार एक परिवार है और परिवार हमेशा साथ देते हैं और इसी के बदौलत निरंतर प्रकाशन हो पाया है और आगे भी जारी रहेगा। आगे उन्होंने कहा कि आज 19 जुलाई को क्रांतिकारी मंगल पांडे जी की जयंती है और मैं जो देख रहा हूं कि इस सभागार को आपने देशभक्ति के माहौल में बना दिया है। हरेक युवाओं में देश के प्रति आदर सम्मान सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है। मंगल पांडे जिन्होंने प्रथम स्वतंत्रता की चिंगारी जलायी, उसका परिणाम है कि आज हम स्वतंत्र हैं। केवल सच द्वारा प्रकाशित विशेषांक “देश की आजादी एवं क्रांतिकारी युवा” को पढ़कर आजादी में क्रांतिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। एक बार फिर से मैं इसके लिए संपादक ब्रजेश मिश्र और उनकी टीम को बधाई देता हूं।
अंत में संपादक सह संस्थापक ब्रजेश मिश्र ने उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी मंचासीन अतिथियों का एवं सभागार में बैठे दर्शक एवं श्रोताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आपकी उपस्थिति ही हमारा मनोबल है और ये मनोबल हमेशा बना रहे इसके लिए आप हमारा साथ सदैव दिजीएगा। केवल सच प्रत्येक वर्ष बिहार, झारखण्ड और दिल्ली में कार्यक्रम कराता है और किसी महान व्यक्तित्व पर विशेषांक का प्रकाशन करता आया है। बहुत जल्द झारखण्ड में केवल सच का बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिस प्रकार आज क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें समर्पित “देश की आजादी एवं क्रांतिकारी युवा” विशेषांक का प्रकाशन तथा “क्रांतिकारी मंगल पांडे केवल सच सम्मान-2026’ का आयोजन हुआ, ठीक वैसा ही कार्यक्रम कराया जायेगा। इसमें आपका सहयोग सदा बना रहे यही कामना करते हैं।
केवल सच के स्थापना वर्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था, जिसमें देशभक्ति से ओतप्रोत होकर दर्शकों ने देशभक्ति गानों का आनंद लिया। अपनी प्रस्तुति से गायिका अनन्या प्रकाश, सांभवी झा, नैना तिवारी ने उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। अंत में कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गीत के साथ संपन्न हुआ।


