प्रदेश की सरकार आत्ममुग्धता का शिकार हो गई है – राजेश भट्ट

अपराध

 

प्रदेश की सरकार आत्ममुग्धता का शिकार हो गई है। सरकार का प्रदेश के सौहार्द और सामाजिक समरसता से कोई सरोकार नहीं रह गया है। सरकार के कबीना मंत्री आए दिन अपने बयानों से प्रदेश के अमन-चैन में जहर घोलने में लगे हुए हैं। यह आरोप लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता राजेश भट्ट ने मौजूदा सरकार को घेरा है। बिहार सरकार के मन्त्रियों और महागठबंधन के नेताओं द्वारा विवादित बयान देने का दौर निरंतर जारी है। कभी मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ बताते हैं तो कभी जदयू नेता गुलाम रसूल बलियावी शहर को कर्बला बनाने की बात कहते हैं वही सरकार के कबीना मंत्री आलोक मेहता ने एक वर्ग विशेष पर बेहद असंवेदनशील बयान देकर आम जनमानस को आहत करने का बेहद शर्मनाक कृत्य किया है बिहार सरकार के राजस्व मंत्री आलोक मेहता की एक वर्ग विशेष पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री भट्ट ने कहा कि यह सरकार जातीय और धार्मिक अखंडता को खंडित कर अपनी सियासी रोटी सेंकने में लगी है, उसका आम जनमानस की धारणा और भावना से कोई सरोकार नहीं है।

श्री भट्ट ने कहा कि आलोक मेहता ने जिस तरीके से एक समुदाय को चिन्हित कर बयान दिया है, वह बेहद निंदनीय है। आलोक मेहता को सार्वजनिक तौर पर बिहार की जनता से इस असंवेदनशील बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिए और शीघ्र अपने इस बयान को वापस लेना चाहिए। श्री भट्ट ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने अपनी सरकार में एक से बढ़कर एक बयान बहादुर शामिल कर रखे हैं। कभी उनके मंत्रिमंडल के माननीय शिक्षा मंत्री रामचरित मानस पर उंगली उठाकर खुद को ज्ञानवीर समझने लगते है, तो कभी उनके राजस्व मंत्री एक विशेष समुदाय पर तर्कहीन बयान देकर बयानवीर बनने की होड़ में शामिल हो जाते हैं । महागठबंधन के मंत्रियों में बयानों की होड़ सी मची हुई है

श्री भट्ट ने कहा कि महागठबंधन नेताओं के सारे बयान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर दिए जाते हैं, इसलिए वे अनर्गल बयान देने वालों पर कोई अनुशासनिक कार्रवाई करने की जगह बिल्कुल मौन रहते हैं। श्री भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अंग्रेजों के नीति बांटो और शासन करो का अनुसरण कर रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री समाज को जाति- धर्म अगड़ा -पिछड़ा दलित -महादलित और लिंग -भेद मे बांटकर राजनीति करना चाहते है जो बेहद अफसोस जनक है! उक्त आशय की जानकारी प्रदेश के मीडिया प्रभारी कुंदन पासवान ने दी.