किशनगंज : भूतनाथ गौशाला मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, कांवरियों के लिए बनाए गए अलग प्रवेश-निकास द्वार

किशनगंज, 17 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सावन की तीसरी सोमवारी को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी। जिले में सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ भूतनाथ गौशाला मंदिर परिसर में जुटी।गौर करे कि लखीसराय के एक मंदिर में हाल में हुई भगदड़ की घटना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन विशेष रूप से सतर्क रहा।
भूतनाथ गौशाला मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवरिए बेलवा स्थित डोक नदी से पवित्र जल भरकर करीब 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई थी।
भीड़ को नियंत्रित करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए थे। एक द्वार से कांवरियों एवं श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया, जबकि निकासी के लिए पार्वती मंदिर के समीप से अलग रास्ता निर्धारित किया गया था। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिली।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में बांस-बल्ली के सहारे अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ पर नजर रखते हुए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश करा रहे थे।
इधर, बेलवा स्थित डोक नदी के किनारे भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से नदी किनारे श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से सोमवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया।



