मिडिल स्कूल मिशन के क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय नेतृत्व संवर्धन कार्यशाला आयोजित ।
मिडिल स्कूल मिशन के क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय नेतृत्व संवर्धन कार्यशाला आयोजित ।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/नई शिक्षा नीति 2020 बच्चों में तार्किक चिंतन, वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर देता है।शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा सभी मध्य विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इसी दिशा में राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् तथा बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के नेतृत्व में, मंत्रा4चेंज के सहयोग से मिडिल स्कूल मिशन के क्रियान्वयन के अंतर्गत पटना स्थित होटल पाटलिपुत्र निर्वाणा में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन 20-21 मई 2026 को किया गया। इस कार्यशाला में बिहार के 38 जिलों के शिक्षा शिक्षक समन्वयक एवं जिला तकनीकी दल के सदस्यों ने सहभागिता की।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला नेतृत्वकर्ता को मध्य विद्यालय मिशन एवं परख (PARAKH) लक्ष्यों के साथ संरेखित करना था। साथ ही सम्बंधित हितधारकों को जिला स्तर के शैक्षणिक सुधार हेतु कार्य करने में सहयोग एवं विद्यालय स्तर पर कार्यक्रम का प्रभाव सुनिश्चित करने हेतु वार्षिक कार्ययोजना तैयार करना था। साथ ही इस अवसर पर PBL कार्यक्रम के पिछले वर्ष पर चर्चा करते हुए, प्रभावी PLC (Professional Learning Community) मॉडल तथा मेंटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य विद्यालय के मिशन एवं विज़न पर चर्चा की गयी; जिसमें विगत वर्ष में कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसके साथ कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान कर उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर चर्चा किया गया। मुख्य बातचीत के अंतर्गत मेंटरिंग में PLC को लेकर चर्चा की गयी, ताकि प्रतिभागी ब्लॉक/कॉम्प्लेक्स स्तर पर शिक्षकों की सीख, विचार‑विमर्श और समस्या समाधान में मदद मिले।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला को SCERT के विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहाशीष दास ने संबोधित करते हुए परख संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया एवं मेहताब रहमानी, S.P.O, BEPC ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे साल के क्रियान्वयन के लिए हमे खुद को भी तैयार होना होगा जिससे हम अपने लक्ष्य को पा सकेंगे।
साथ ही हर जिले द्वारा अपनी ओर से ब्लॉक कवरेज, समर्थन संरचना, समयसीमा और कार्यान्वयन अनुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त किया गया। इससे योजना बनाना ही नहीं, बल्कि उसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी भी जिला स्तर पर सुनिश्चित हो सकी।
यह कार्यशाला राज्य में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के प्रभावी क्रियान्वयन, जिलों के बीच आपसी सीख एवं सहयोग को बढ़ावा देने तथा शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण और सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आई।

