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बिहार के मॉडल स्कूलों में शामिल की जाएंगी राजस्थान की विशिष्टताएं : तिवारी

शिक्षा मंत्री ने राजस्थान में मॉडल स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली का लिया जायजा
बोले-शिक्षा में सुधार और नवाचार का गहन अध्ययन करने बिहार से जयपुर आएगी टीम
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्पीकर से की मुलाकात

त्रिलोकी नाथ प्रसाद -पटना/जयपुर। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाने के विजन के साथ प्रदेश के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को राजस्थान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था, मॉडल स्कूलों के संचालन तथा कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली के अलावा बिहार में शिक्षा सुधार की संभावनाओं पर भी विमर्श किया। उन्होंने कहा कि गहन अध्ययन के लिए बिहार से एक टीम जल्द जयपुर भेजी जाएगी।
शिक्षा मंत्री तिवारी ने जयपुर में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से मुलाकात कर स्वामी विवेकानंद के नाम पर चल रहे मॉडल स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मॉडल स्कूलों के संचालन और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल की।

इसके बाद तिवारी ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भेंट कर कोटा में संचालित कोचिंग संस्थानों की भूमिका, उनकी शिक्षण पद्धति, डिजिटल लर्निंग, परीक्षा उन्मुख प्रशिक्षण, शैक्षणिक अनुश्रवण एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वे कोटा मॉडल की उन विशेषताओं से भी अवगत हुए, जिनके कारण देशभर के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वहां पहुंचते हैं। प्रवास के क्रम में शिक्षा मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी से भी शिष्टाचार भेंट कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को कारगर और प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर चर्चा की।
एक दिवसीय दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बिहार सरकार राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान से प्राप्त अनुभव और जानकारियां बिहार में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में बिहार से एक अध्ययन मंडली जयपुर भेजी जाएगी जो शिक्षा से जुड़े बेहतर कार्यक्रम और नवाचार का गहन अध्ययन करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकसित किए जा रहे सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूलों) में आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल संसाधनों और नवाचार आधारित शैक्षणिक व्यवस्थाओं को शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार इस बात को लेकर भी गंभीर है कि यहां के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली तैयारी के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।

हमारे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की उन्नत तैयारी का अवसर मिले, इसको लेकर सरकार सजग और तत्पर है। इससे विद्यार्थियों की सफलता दर में वृद्धि होने के साथ बिहार की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

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