दिघलबैंक में एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 18 लाख की ब्राउन शुगर के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार
किशनगंज, 05 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, नवगठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिघलबैंक थाना क्षेत्र से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 85.39 ग्राम ब्राउन शुगर, नेपाली और भारतीय मुद्रा सहित अन्य सामान बरामद किया है। जब्त ब्राउन शुगर की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 जून को गुप्त सूचना मिली कि दिघलबैंक वार्ड संख्या-03 निवासी मो. आलम अपने घर में मादक पदार्थों का भंडारण कर उसकी खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद एएनटीएफ और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने उसके घर पर विधिवत छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मो. आलम (54 वर्ष) और उसके पुत्र आदिल (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उनके पास से 85.39 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से अपने घर से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लाख 52 हजार 755 रुपये नेपाली मुद्रा, 30 हजार 858 रुपये भारतीय मुद्रा, एक डिजिटल तराजू तथा चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मामले में दिघलबैंक थाना कांड संख्या 144/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब बरामद ब्राउन शुगर के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है, ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। साथ ही इस धंधे से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाकर उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इस कार्रवाई में एएनटीएफ प्रभारी पु.नि. राजू कुमार, जिला आसूचना इकाई प्रभारी पु.नि. मो. मुश्ताक, पु.अ.नि. सोना कुमार, कृष्णा कुमार, प्रिंस कुमार, मो. रेहान अहमद सहित एएनटीएफ, जिला आसूचना इकाई और स्थानीय थाना पुलिस के जवान शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। आम नागरिक मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना को एएनटीएफ हेल्पलाइन नंबर 9031816150 पर साझा कर सकते हैं। सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



