किशनगंज : संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, नाव-राहत शिविर और मेडिकल टीम की तैयारियों की समीक्षा

किशनगंज, 11 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य की तैयारियों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन उमैर की अध्यक्षता में जिला एवं अंचल स्तर के पदाधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने को लेकर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार कम्युनिटी किचन चलाने, मेडिकल टीम की तैनाती, नावों के परिचालन, राहत शिविर एवं शरण स्थलों की व्यवस्था, प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता तथा सूखा राशन सहित अन्य राहत सामग्री की तैयारी की जानकारी ली गई। अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने का निर्देश दिया, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने को कहा। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित आवागमन और रेस्क्यू के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की सूची तैयार रखने का निर्देश दिया गया।
राहत शिविरों में पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रकाश, स्वच्छता और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं एवं प्राथमिक उपचार के साथ मेडिकल टीम तैयार रखने तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
कम्युनिटी किचन के लिए पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था, जबकि सूखा राशन एवं अन्य राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया। अंचल अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी, स्थानीय संसाधनों एवं मानव बल को चिह्नित रखने और जिला स्तर से मिले निर्देशों का त्वरित अनुपालन करने को कहा गया।
अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ‘जीरो रिस्पॉन्स टाइम’ के सिद्धांत पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। बैठक में सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण सहित सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।



