वेटरनरी में लटका रहता लक कब खुलता है और बंद हो जाता है पता ही नहीं चलता……

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गुड्डू कुमार सिंह-तरारी। तरारी प्रखंड पशु चिकित्सालय का हाल बेहाल हाल है यहां आने वाले लोग डॉक्टर की तलाश में भटकते रहते हैं ।वहीं पशु अस्पताल इलाज के लिए लाया जाता है उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता गंभीर पशुओं को यदि अस्पताल में लाया जाए तो इलाज के अभाव में उनकी मौत हो सकती है। यहां किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है शनिवार को जब 3:30 पर पशु अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया तो पशु चिकित्सालय मैं ताला लटका दिखा इस संबंध में पदस्थापित चिकित्सक डॉ आनंद प्रकाश जानना चाहा तो पता चला कि उन्हें प्रशिक्षण हेतु हरियाणा भेजा गया है वहां पीरों में पदस्थापित डॉक्टर रवि कुमार को प्रभार दिया गया है इस संबंध में डॉक्टर रवि का कहना है कि अभी टीकाकरण जोरों पर है जिसके चलते तरारी पहुंचना मुश्किल हो जाता है। वही वहां पदस्थापित और कर्मियों के बारे में जानकारी लेना चाहते पता चला कि वहां डॉक्टर के अलावे केवल एक क्लर्क व परिचारी पदस्थापित हैं जो फिल्ड में टीकाकरण का रिपोर्ट लेने कहीं चले गए होंगे ।प्रखंड पशु पशु चिकित्सालय में पशुओं को इलाज के लिए ले जाना उन्हें मौत के मुंह में ले जाना है तरारी में पशु अस्पताल नाम के लिए संचालित हो रही है यहां पशुओं की लाज की कोई भी व्यवस्था नहीं है मुश्किल से डॉक्टर मिलते हैं और यदि जो दवाएं लिखकर दी जाती है उन्हें बाहर से मंगवाना पड़ता है आस्था अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर फील्ड के कार्य को लेकर अक्सर अस्पताल में नहीं मिल पाते हैं।