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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विश्व हास्य दिवस पर कहा कि हर इंसान के लिए प्रदत्त सरल व सबसे शक्तिशाली उपहार ‘हंसी’ एक पूर्ण जैविक प्रतिक्रिया है जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। विश्व हास्य दिवस इस विचार पर आधारित है कि जब लोग खुश होते हैं, तो वे उस सकारात्मकता को दूसरों तक फैलाते हैं। इस दिन का उद्देश्य लोगों को हंसने के लिए प्रेरित करना और तनाव मुक्त जीवन की ओर बढ़ाना है। आज के समय में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हंसी एक प्राकृतिक दवा की तरह काम करती है। हंसी विश्व शांति के लिए भी एक सकारात्मक अभिव्यक्ति है और इसका उद्देश्य हंसी के माध्यम से भाईचारे और दोस्ती की वैश्विक चेतना का निर्माण करना है। भारत को पहला विश्व हास्य दिवस मनाने का गौरव प्राप्त है। इसे पहली बार 10 मई 1998 को मुंबई में विश्वव्यापी ‘हास्य योग आंदोलन’ के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया द्वारा आयोजित किया गया था। यह हर वर्ष मई के पहले रविवार को मनाया जाता है।

 

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