माननीय सहकारिता मंत्री ने प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के मास्टर ट्रेनरों को प्रदान किए प्रमाण-पत्र

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर ग्रामीण बिहार में परिवर्तन के वाहक की भूमिका निभाएंगे। सहकारिता आधारित यह मॉडल किसानों को संगठित करने, आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा उन्हें बाजार से बेहतर तरीके से जोडने का प्रभावी माध्यम बनेगा। सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर राज्य में समावेशी एवं सतत विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है-
माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, श्री राम कृपाल यादव
‘सहकार से समृद्धि’ को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम।
अब तक 256 मास्टर ट्रेनरों का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण सम्पन्न।
इसके अतिरिक्त 302 पीवीसीएस अध्यक्ष, 296 सहायक प्रबंधक, 99 सब्जी पर्यवेक्षक तथा 3,624 बोर्ड सदस्यों को भी प्रशिक्षण सम्पन्न ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाना, पारदर्शी एवं जवाबदेह नेतृत्व विकसित करना, डिजिटल खरीद-बिक्री प्रणाली को बढ़ावा देना तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
आज दिनांक-14.05.2026 को माननीय मंत्री सहकारिता विभाग श्री राम कृपाल यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय प्रबंधन संस्थान, पटना में आयोजित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के उपरांत उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर सचिव, सहकारिता विभाग श्री धर्मेंद्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां श्री रजनीश कुमार सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन तथा संस्थान के निदेशक डॉ. के.पी. रंजन सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
“सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने तथा सब्जी उत्पादक किसानों को संगठित, प्रशिक्षित एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पटना स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय प्रबंधन संस्थान, पटना में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (VEGFED), सहकारिता विभाग द्वारा किया गया।
इस अवसर पर माननीय मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर ग्रामीण बिहार में परिवर्तन के वाहक की भूमिका निभाएंगे। सहकारिता आधारित यह मॉडल किसानों को संगठित करने, आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा उन्हें बाजार से बेहतर तरीके से जोडने का प्रभावी माध्यम बनेगा। सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर राज्य में समावेशी एवं सतत विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल बिहार में कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। प्रशिक्षण के उपरांत मास्टर ट्रेनर। गांव में बदलाव के साथी बनेंगे, वे नई तकनीक नई जानकारी गांव के किसानों को उपलब्ध कराएंगे। वर्ष 2047 तक बिहार को विकसित राज्य बनाने में बिहार के किसानों की महत्वपूर्ण उपलब्ध है। किसानों के उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने हेतु सरकार कृत संकल्पित है।
इस अवसर पर सचिव सहकारिता विभाग श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) से जुड़े मास्टर ट्रेनरों जिन्होंने यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है, अब वह अपने-अपने प्रखण्डों में जा कर किसानों को प्रशिक्षित कर उन्हें खेती की नई तकनीकों से जोड़ेंगे। समितियों के सहयोग से सब्जी उत्पादक किसानों को बाजार से जोड़कर उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने हेतु विभाग कृत संकल्पित है। राज्य के किसानों के सब्जी उत्पादों को राज्य से बाहर एवं विदेशों में भी निर्यात करने के लिए समितियों को प्रोत्साहित कर रही है।
इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) से जुड़े विभिन्न हितधारकों के लिए पांच प्रकार के विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 256 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 302 पीवीसीएस अध्यक्ष, 296 सहायक प्रबंधक, 99 सब्जी पर्यवेक्षक तथा 3,624 बोर्ड सदस्यों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनरों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत फसल प्रबंधन, कृषि आधारित मोबाइल एप्स, डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं आधुनिक डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि किसान तकनीक-सक्षम होकर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों ने विकेंद्रीकृत व्यवस्था के तहत गांवों में पहुंचकर अब तक 11,158 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इससे ग्रामीण स्तर पर सहकारिता आधारित कृषि प्रबंधन को नई मजबूती मिली है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नेतृत्व क्षमता विकास, सहकारी अधिनियम एवं नियमावली, वित्तीय प्रबंधन, ERP सिस्टम, पोर्टल संचालन, मानकीकृत रिकॉर्ड संधारण तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था जैसे विषयों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाना, पारदर्शी एवं जवाबदेह नेतृत्व विकसित करना, डिजिटल खरीद-बिक्री प्रणाली को बढ़ावा देना तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से फसलों की बर्बादी में कमी, बेहतर मूल्य प्राप्ति तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

