सड़क हादसे में घायल चार लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी तत्परता दिखाते हुए घायलों की बचाई जान
रांची: आज जामताड़ा के नारायणपुर भैयाडीह में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए और एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भयावहता देखकर आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई और स्थिति अफरा-तफरी भरी हो गई।
ऐसे कठिन समय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी फ़रिश्ते की तरह मौके पर पहुँचे। दुर्घटना की खबर मिलते ही उन्होंने बिना देर किए स्वयं घटनास्थल का रुख किया और वहाँ पहुँचकर जो किया, वह मानवता की एक मिसाल बन गया
मंत्री डॉ. अंसारी ने गंभीर रूप से घायल चारों बच्चों को अपने हाथों में उठाकर एंबुलेंस तक पहुँचाया। उन्होंने बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नारायणपुर अस्पताल पहुँचाया और डॉक्टरों की टीम को हर संभव सुविधाएँ मुहैया कराने का निर्देश दिया।
घायलों की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सभी को धनबाद रेफर किया। इस दौरान मंत्री स्वयं अस्पताल में करीब तीन घंटे तक लगातार मौजूद रहे, पूरी चिकित्सा प्रक्रिया की निगरानी करते रहे और एंबुलेंस से धनबाद भेजने से पहले सभी की स्थिति की पुष्टि की।
धनबाद रेफर किए जाने से पहले ही मंत्री डॉ. अंसारी ने तत्परता दिखाते हुए SNMCH धनबाद के अधिकारियों और डॉक्टरों को फोन कर पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया।
मंत्री लगातार डॉक्टरों के संपर्क में बने हुए हैं और हर क्षण घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।
मौके पर मौजूद लोगों ने मंत्री की मानवीयता की जमकर सराहना की। लोगों ने भावुक होकर कहा की डॉ. इरफ़ान अंसारी जी पहले इंसानियत से भरे शिक्षक, फिर एक जिम्मेदार डॉक्टर और उसके बाद मंत्री हैं।
इलाके में हर तरफ यही चर्चा है कि जब नेता अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर इंसानियत निभाते हैं, तभी जनता को असली सुरक्षा और भरोसा मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मंत्री जी समय पर ना पहुँचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उनकी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवता ने आज चार मासूम जिंदगियाँ बचा लीं।
यह घटना न केवल एक हादसे से जुड़ी ख़बर है, बल्कि मानवता और जनसेवा का एक जीवंत उदाहरण भी है।स्वास्थ्य मंत्री की यह कार्यशैली फिर साबित करती है कि संकट की घड़ी में एक संवेदनशील नेता कितना बड़ा सहारा बन सकता है।
