*जनता के आवाज से एसएच पर टोल टैक्स वसूली से डरी सरकार लेकिन पूरी तरह नहीं : राजेश राठौड़*
*कमर्शियल गाड़ियों से भी एसएच पर टोल वसूली वापस लें सरकार: राजेश राठौड़*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार सरकार के द्वारा स्टेट हाईवे एवं स्टेट हाईवे के पुलों पर नई टोल नीति लाकर बिहार की जनता का खून चूसने का बनाया गया प्लान जनता के भारी आक्रोश के कारण आंशिक तौर पर वापस तो लिया गया लेकिन कमर्शियल वाहनों पर यह टैक्स थोपकर सरकार आपूर्ति को महंगा बना रही है, इसे भी अविलंब वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि अंततः यह बोझ भी राज्य की जनता को महंगाई के रूप में चुकाना पड़ेगा। ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि बिहार सरकार से हमारा सीधा सवाल है कि जब गाड़ी खरीदते समय उपभोक्ता रोड टैक्स देते हैं, तो फिर स्टेट हाईवे और उसके पुलों पर टोल टैक्स क्यों दें? यह व्यवस्था लागू होने से इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और ट्रांसपोर्ट दर में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि होगी। सरकार से अनुरोध है कि इस फैसले पर दोबारा विचार करें। साथ ही जनता के भारी आक्रोश के कारण निजी वाहनों से टोल टैक्स वसूली का फरमान तो वापस लिया गया लेकिन जनता पर अनावश्यक बोझ को कम करने के लिए निजी वाहनों के साथ साथ कमर्शियल वाहनों पर भी टोल टैक्स वसूली का फरमान वापस लें।

