डीएम की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक हुई

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किसानों की सहायता के लिए जिला प्रशासन सजग एवं प्रतिबद्ध: डीएम

डीएम ने कहा: सिंचाई के लिए डीजल अनुदान का लाभ किसानों के बैंक खाते में उपलब्ध कराया जाएगा, प्राप्त आवेदनों को दो दिन के अंदर जिला कृषि पदाधिकारी निष्पादित करेंगे

जिले में उर्वरक की कोई किल्लत नहीं: डीएम

त्रिलोकी नाथ प्रसाद-पटना, मंगलवार, दिनांक 02.08.2022ः जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में जिला में वर्षापात, फसल आच्छादन, डीजल अनुदान, उर्वरक की उपलब्धता, किसानों को विद्युत आपूर्ति, राजकीय नलकूपों की स्थिति, आकस्मिक फसल योजना का क्रियान्वयन सहित सभी बिन्दुओं पर एक-एक कर विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि आज की यह बैठक मॉनसून में देरी/अल्पवृष्टि पर केन्द्रित है। किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि फसल आच्छादन बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को डीजल अनुदान हेतु प्राप्त आवेदनों को दो दिनों के अंदर निष्पादित करने का निदेश दिया।

जिला कृषि पदाधिकारी, पटना द्वारा बैठक में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। सम्बद्ध विभागों यथा-सांख्यिकी, सिंचाई, विद्युत इत्यादि के अद्यतन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई।

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा जिले में वर्षापात का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जून माह में सामान्य वर्षापात 127 एमएम के विरूद्ध वास्तविक वर्षापात 123 एमएम रहा। विचलन -3.15 प्रतिशत है। जुलाई माह में 335.4 एमएम वर्षा के विरूद्ध वास्तविक वर्षापात 135.63 एमएम रहा। विचलन -59.56 प्रतिशत है। अगस्त में सामान्य वर्षापात 255.7 एमएम के विरूद्ध प्रथम दो दिनों में 31.06 एमएम वर्षा हुई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (01 जून से 30 सितम्बर) के आंकड़ों का मौसमवार अध्ययन करें तो वर्ष 2017 में -33 प्रतिशत, वर्ष 2018 में -39 प्रतिशत, वर्ष 2019 में -13 प्रतिशत, वर्ष 2020 में +9 प्रतिशत, वर्ष 2021 में -12 प्रतिशत का वर्षापात में विचलन पाया गया। वर्ष 2022 में अभी तक -40 प्रतिशत का विचलन हुआ है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। अच्छी वर्षा होने से धान की रोपनी एवं फसल का आच्छादन भी बेहतर होने की आशा है।

जिला कृषि पदाधिकारी ने पटना जिला में खरीफ 2022-23 में फसल आच्छादन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। पटना जिला में वर्तमान समय तक धान आच्छादन के लक्ष्य 1,17,568.20 हेक्टेयर के विरूद्ध उपलब्धि 55,860.11 हेक्टेयर है जो लक्ष्य का 47.51 प्रतिशत है। इसी प्रकार मक्का के लक्ष्य 7,923.90 हेक्टेयर लक्ष्य के विरूद्ध 6,040.09 हेक्टेयर में मक्का की खेती हुई है जो लक्ष्य का 76.23 प्रतिशत है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि अच्छी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर 15 अगस्त तक जिले में शत-प्रतिशत फसल आच्छादन होने की आशा है जो पिछले वर्ष 98 प्रतिशत था।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को निरंतर विद्युत आपूर्ति हो इसके लिये दिनांक 20.07.2022 से कृषि फीडर के लिये 16 घंटे की विद्युत आपूर्ति का निदेश दिया गया है। विद्युत कार्यपालक अभियंता को कृषि फीडर को कम से कम 16 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

डीएम डॉ. सिंह ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे आकस्मिक फसल योजना पर तेजी से कार्य करें। पर्याप्त बीज का भंडारण कर लें ताकि यदि अगस्त में भी पर्याप्त वर्षा नहीं होती है तो किसानों को वैकल्पिक फसल के लिए बीज उपलब्ध कराया जा सकेगा। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि पटना जिला में 15 अगस्त तक धान की रोपनी होती है। उसके बाद बीज की मांग विभाग को भेजा जाएगा।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत खरीफ मौसम के फसलों में अनावृष्टि/अल्पवृष्टि के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति में डीजल चालित पम्पसेट से पटवन/सिंचाई करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को डीजल अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से डीजल अनुदान योजना के कार्यान्वयन हेतु कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वयन अनुदेश उपलब्ध कराया गया है। डीजल अनुदान योजना, 2022 के अंतर्गत 60 रुपये प्रति लीटर की दर से 600 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जायेगा। धान का बीचड़ा एवं जूट फसल की अधिकतम 2 सिंचाई के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ डीजल अनुदान देय होगा। खरीफ फसल में धान मक्का एवं अनय दलहनी फसलों के लिए अधिकतम 3 सिंचाई के लिए 1800 रुपये प्रति एकड़ डीजल अनुदान देय है। डीजल अनुदान अधिकतम प्र्रति किसान 8 एकड़ सिंचाई के लिए देय है। सिंचाई के लिए डीजल अनुदान का लाभ किसानों के बैंक खाते में उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम डॉ. सिंह ने जिला कृषि पदाधिकारी को विहित प्रक्रिया के अनुसार निहित प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए डीजल अनुदान का वितरण सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि डीजल अनुदान की राशि हेतु प्राप्त आवेदनों की जाँचकर किसानों को डीजल अनुदान उपलब्ध कराया जाय। डीजल अनुदान की सहायता हेतु ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी की गई है।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जिले में उर्वरक की कोई किल्लत नहीं है। 4.823.14 मेट्रिक टन यूरिया पटना जिला के 379 प्रतिष्ठानों में उपलब्ध है।

डीएम डॉ. सिंह द्वारा लघु सिंचाई प्रमंडल अंतर्गत पटना जिले में राजकीय नलकूप की स्थिति की समीक्षा की गई। जिले में कुल 541 नलकूप चालू हालत में है। 434 नलकूप अकार्यरत है। डीएम डॉ. सिंह ने प्रखंडवार राजकीय नलकूपों की सूची उपलब्ध कराने तथा अकार्यरत नलकूपों की समीक्षा करने का निदेश दिया। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जहाँ-जहाँ विद्युत अथवा यांत्रिक दोष के कारण राजकीय नलकूप बंद हैं, वहाँ मरम्मति करवाकर उन्हें चालू करने की कार्रवाई की जाय। राजकीय नलकूपों हेतु विद्युत की 16 घंटे प्रतिदिन आपूर्ति करवाने का निदेश दिया गया। डीएम डॉ. सिंह ने लघु जल संसाधन विभाग के नलकूपों के रख-रखाव हेतु दिये गये राशि के विरूद्ध उपयोगिता प्रमाण-पत्र समर्पित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नलकूपों की मरम्मति हेतु ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों को आवश्यक दिशा-निदेश जिला पंचायत राज पदाधिकारी निर्गत करेंगे।

कार्यपालक अभियंता सिंचाई विभाग द्वारा सोन नहर प्रमंडल, खगौल में पानी की स्थिति के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। नहर प्रणाली अंतर्गत 37,475 हेक्टेयर सिंचाई के लक्ष्य के विरूद्ध पानी उपलब्ध कराने का क्षेत्रफल 21,390 हेक्टेयर है। बलिदाद लॉग पर अनियमित एवं कम जलश्राव प्राप्त होने के कारण खरीफ सिंचाई (रोपनी) प्रभावित हो सकती है।

डीएम डॉ. सिंह ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को कल बुधवार को कृषि, विद्युत, सिंचाई विभाग एवं अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करने का निदेश दिया। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने क्षेत्र में वृहस्पतिवार को क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में वर्षापात, फसल आच्छादन, नलकूपों की मरम्मति इत्यादि के संबंध में ठोस कार्रवाई की जाएगी।

डीएम डॉ. सिंह ने विद्युत, सिंचाई एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों को कल दिनांक 03.08.2022 को पालीगंज अनुमंडल का दौरा कर स्थिति का आकलन करने एवं तदनुसार कार्रवाई करने का निदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बुधवार एवं वृहस्पतिवार के साप्ताहिक जाँच में पदाधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि संबंधित बिन्दुओं यथा-वर्षापात, फसल आच्छादन, डीजल अनुदान, नहर में पानी की स्थिति, कृषि फीडर की स्थिति, राजकीय नलकूपों का संचालन आदि की जाँच की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया।

इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन, जिला कृषि पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता विद्युत, कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल खगौल एवं अन्य भी उपस्थित थे। क्षेत्रीय पदाधिकारी यथा-सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी कृषि समन्वयक विस्वान के माध्यम से जुड़े हुए थे।

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