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*“खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” का वार्षिक सम्मेलन हुआ सम्पन्न*

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,  ::सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” का वार्षिक सम्मेलन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा समाजसेवियों ने एकत्र होकर संस्था के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन में समाज के वंचित वर्गों की सहायता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कला-संस्कृति के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता और सामाजिक सरोकारों से ओत-प्रोत रहा। सभी सदस्यों ने संस्था के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

संस्था के संस्थापक सह-अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने संस्था की स्थापना, उसकी रूपरेखा, प्रारूप, आय-व्यय तथा सदस्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि संस्था लगातार जरूरतमंद लोगों के बीच कार्य कर रही है और सीमित संसाधनों के बावजूद समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुँचाने का प्रयास कर रही है। संस्था की गतिविधियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, पर्यावरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

बैठक में श्यामा प्रसाद ने नए सदस्यों को जोड़ने और विशेष रूप से युवाओं को संस्था से जोड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के सहयोग से संस्था अपने उद्देश्यों को और व्यापक स्तर तक पहुँचा सकती है। वहीं अलका कुमारी और रीता प्रसाद ने समाजहित में छोटे-छोटे लेकिन निरंतर चलने वाले कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से किए गए छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

जिला अध्यक्ष यतीश कुमार ने संस्था की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर बैठक आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नियमित बैठकों से योजनाओं की समीक्षा, नए कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा सदस्यों के बीच समन्वय बेहतर होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्था को गांव और शहर दोनों स्तरों पर सक्रिय इकाइयों का गठन करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाई जा सके।

सम्मेलन में डॉ. किशोर सिन्हा, मधुरेश शरण तथा नसीम अख्तर ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में संस्था की भूमिका को और मजबूत करने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने मंचीय कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और प्रतिभा सम्मान समारोहों के आयोजन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना सामाजिक सेवा करना। कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का माध्यम बनती है और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।

“खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों की सहायता करना है। संस्था गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद करती है तथा जरूरतमंद बच्चियों की शादी में सहयोग प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा भोजन सामग्री वितरण, बीमारी के समय दवाइयों की व्यवस्था, आर्थिक सहायता तथा रक्तदान जैसे कार्य भी निरंतर किए जा रहे हैं। संस्था के आठ सदस्यों ने विभिन्न अवसरों पर रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया है। संस्था की ओर से इस वर्ष तीन बच्चियों की पढ़ाई का वार्षिक खर्च वहन किया गया, जो संस्था की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संस्था सामाजिक कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकता मानती है। इसी उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इसके अलावा होली, दीपावली और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण भी संस्था द्वारा किया जाता है। इन प्रयासों से समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूती मिल रही है।

संस्था के विस्तार की दिशा में इस वर्ष एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” की नई शाखा गाजियाबाद में शुरू की गई है। इस शाखा की अध्यक्ष अमृता सिन्हा को बनाया गया है। सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नई शाखा के माध्यम से संस्था उत्तर प्रदेश क्षेत्र में भी समाजसेवा के कार्यों को नई गति दे सकेगी और अधिक लोगों तक सहायता पहुँचेगी।

कार्यक्रम के अंत में संस्था की निदेशिका शालिनी वर्मा ने सभी अतिथियों, सदस्यों और सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज में मुस्कान और संवेदना को जीवित रखना है तथा सभी के सहयोग से यह अभियान लगातार आगे बढ़ता रहेगा। वार्षिक सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को समर्पित एक सकारात्मक सामाजिक आंदोलन बन चुकी है।
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