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*पशु पोषण के क्षेत्र में एक नया कदम – उन्नत पशुपालन, समृद्ध किसान!*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/आज वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (VPMU), पटना द्वारा दुग्ध उत्पादकों के हित में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए दुग्ध शीतक केन्द्र परिसर, छपरा में “साईलेज उत्पादन इकाई” का भव्य उद्घाटन किया गया।

इस अत्याधुनिक इकाई का शुभारंभ श्री संजय कुमार (अध्यक्ष, वी.पी.एम.यू., पटना), डॉ. पद्मवीर सिंह (वरीय प्रबंधक, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) एवं डॉ. अजय कुमार राय (प्रबंधक संग्रहण) के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
साईलेज उत्पादन इकाई की मुख्य विशेषताएँ:
साईलेज तकनीक पशुपालन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है, जिससे किसानों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे:
वर्षभर हरा चारा: इस इकाई के माध्यम से पशुओं के लिए साल भर पौष्टिक और रसीले हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, विशेषकर चारे की कमी वाले महीनों में।
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि: वैज्ञानिक पद्धति से तैयार साईलेज के सेवन से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन क्षमता में प्राकृतिक रूप से बढ़ोत्तरी होगी।
लागत में कमी, मुनाफे में वृद्धि: पशुपालकों के दाने और अन्य आहार पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, जिससे उनकी आय और मुनाफे का स्तर बढ़ेगा।
“VPMU पटना सदैव अपने किसानों और दुग्ध उत्पादकों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है। इस नई इकाई के शुरू होने से क्षेत्र की श्वेत क्रांति को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।”

— श्री संजय कुमार, अध्यक्ष, वी.पी.एम.यू.
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक प्रगतिशील किसान और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने उपस्थित पशुपालकों को साईलेज के उपयोग और उसके वैज्ञानिक फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी भी साझा की।

 

 

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