अररिया : पोषण माह के तहत जिले के सभी 2811 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक खिचड़ी एवं स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी

अररिया, 18 सितंबर (के.स.)। अब्दुल कैय्युम, 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत आज जिले के सभी 2811 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक खिचड़ी का प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजन एवं भोजन सामग्री की प्रदर्शनी, बच्चों को ग्राम/स्थानीय स्तर पर तैयार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा भोजन एवं पोषण पर चर्चा जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।
आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा बच्चों एवं उनके अभिभावकों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से तैयार पौष्टिक एवं संतुलित भोजन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही समुदाय के लोगों को बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए विविधतापूर्ण एवं पोषक आहार अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।
पलासी परियोजना के केंद्र संख्या 116 पर विशेष कार्यक्रम
इसी क्रम में पालासी परियोजना अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखसैना के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 116 पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पालासी सदानंद दास तथा महिला पर्यवेक्षिका श्वेता कुमारी एवं रीता कुमारी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सुखसैना की मुखिया शाहीन परवीन ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविका द्वारा बेकार कागज एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री से बच्चों के लिए खिलौनों का निर्माण कर उसकी प्रदर्शनी लगाई गई। बच्चों को खेल-खेल में सीखने एवं पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से कम लागत एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से शिक्षण-अधिगम सामग्री तैयार करने की गतिविधि भी प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पोषण विषयक रंगोली भी बनाई गई तथा उपस्थित लोगों को पोषण एवं बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा जिले की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को पोषण माह के दौरान बेहतर एवं सराहनीय कार्य करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
उन्होंने सेविकाओं द्वारा समुदाय तक पोषण का संदेश पहुंचाने तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही पोषण माह के महत्व, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा बच्चों के स्वस्थ विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पालासी सदानंद दास द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही, पोषण माह के महत्व, बच्चों एवं माताओं के पोषण, संतुलित आहार तथा स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
पदाधिकारियों ने सेविकाओं को पोषण जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा समुदाय तक पोषण का संदेश पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सुखसैना की मुखिया
शाहीन परवीन ने पोषण माह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों एवं महिलाओं के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार को आवश्यक बताया। उन्होंने समुदाय से पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
वहीं, जिला समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा आंगनबाड़ी सेविका द्वारा स्थानीय एवं अनुपयोगी सामग्री के बेहतर उपयोग से बच्चों के लिए खिलौने एवं शिक्षण सामग्री तैयार करने तथा पोषण जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पोषण केवल महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्थानीय, मौसमी एवं उपलब्ध खाद्य सामग्रियों के सही संयोजन से भी बच्चों और परिवार को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकता है।
मौके पर एलएस स्वेता कुमारी, रीता कुमारी, आदि मौजूद थे।



