रक्तदान से बढ़कर मानवता के लिए कोई अन्य सेवा नहीं : टिंकू मैथिल

सहरसा,11 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, समाजसेवी टिंकू मैथिल की सजगता व तत्परता से खून की कमी से जुझ रही एक मरीज की जान बचाई। सेवा में सहयोगी पिक्कू मिश्रा, राजेश कुमार, संधीर, टिंकु मैथिल, मनीष, रोशन मिश्रा, रविशंकर, मन्नू, अंशु मिश्रा रक्तदाता वीर अवनीश कात्यान इरफान आलम व संधीर यादव के द्वारा रक्तदान किया गया।
टिंकु मैथिल ने बताया कि रात के 10 बजे एक सूचना मिली और उसके बाद हमारी टीम ने समय नहीं देखा, बस जरूरत देखी। आरएम कॉलेज में पदस्थापित असिस्टेंट प्रोफेसर डा० डेजी कुमारी की तबीयत खराब होने के कारण 3 यूनिट रक्त की तत्काल आवश्यकता थी। स्थिति गंभीर थी और समय बेहद कम।
सूचना मिलते ही टीम के साथी सक्रिय हुए और देखते ही देखते तीनों यूनिट रक्त की व्यवस्था कर रक्तदान करवाया गया। यह सिर्फ तीन यूनिट रक्त नहीं था, बल्कि तीन यूनिट उम्मीद, तीन यूनिट हिम्मत और तीन यूनिट इंसानियत थी।इस सेवा कार्य का अवसर देने के लिए प्रो० कविता कुमारी का हृदय से आभार जताया। आपके माध्यम से मुझे और मेरी पूरी टीम को किसी जरूरतमंद के जीवन में काम आने का अवसर मिला। हमारा संकल्प साफ है। जहाँ जरूरत होगी, वहाँ हमारी टीम खड़ी मिलेगी। जहाँ जिंदगी बचाने की बात होगी, वहाँ हम अपना हर संभव योगदान देंगे।
उन्होने कहा कि खून का रिश्ता हो या न हो, लेकिन जरूरत के वक्त जो खून दे जाए। वही असली इंसान और वही असली अपना है। रक्तदान करें, जीवन बचाएँ, इंसानियत को जिंदा रखे।



