किशनगंज : जीविका दीदियों की ‘महानंदा लीफ’ चाय बन रही पहचान, दूसरे सीजन में एक लाख किलो उत्पादन

किशनगंज, 11 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले के पोठिया स्थित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई में जीविका दीदियों द्वारा संचालित ‘महानंदा लीफ’ चायपत्ती उत्पादन ने आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की नई मिसाल कायम की है। गुरुवार को प्रधान महालेखाकार बिहार संतोष कुमार, उप महालेखाकार ओमकार तथा जिलाधिकारी विशाल राज ने फैक्ट्री का निरीक्षण कर उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया और जीविका दीदियों के प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चायपत्ती निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं को करीब से देखा तथा जीविका दीदियों से उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। प्रधान महालेखाकार संतोष कुमार ने कहा कि किशनगंज की जीविका दीदियां महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं पहले केवल चाय की खेती और पत्ता तोड़ने के कार्य से जुड़ी थीं, वे आज स्वयं टी फैक्ट्री का सफल संचालन कर रही हैं, जो गर्व की बात है।
जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि इस सीजन में अब तक लगभग एक लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती का उत्पादन किया जा चुका है। इसके लिए करीब 5.22 लाख किलोग्राम हरे चाय पत्तों की खरीद किसानों से की गई है। उन्होंने बताया कि महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित इस इकाई को पिछले वर्ष बिहार सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद यह दूसरा उत्पादन सत्र है।
उन्होंने बताया कि एफपीसी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस सीजन 10 लाख किलो चायपत्ती उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले सीजन में डेढ़ लाख किलो चायपत्ती का उत्पादन हुआ था, जिसकी पूरी बिक्री हो चुकी है। बिक्री से लगभग 2.83 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी।
महानंदा लीफ चायपत्ती की बिक्री जीविका समूहों, संकुल संघों, किसान उत्पादक समूहों और ग्रामीण बाजारों के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा यह उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर भी उपलब्ध है।
फैक्ट्री में प्रत्यक्ष रूप से 45 लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें 21 महिलाएं और 24 पुरुष शामिल हैं। वहीं लगभग 1800 किसान चाय पत्ता आपूर्ति से जुड़े हैं। किसानों से खरीदे गए चाय पत्तों का भुगतान सात दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। अधिकारियों ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को लेकर आवश्यक सुझाव भी दिए।



