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*बंगाल में बदलाव का सकारात्मक प्रभाव बिहार और पूरे पूर्वोत्तर पर पड़ेगा : डॉ. संतोष कुमार सुमन*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद:हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में बने नए सकारात्मक राजनीतिक माहौल का व्यापक प्रभाव बिहार तथा पूरे पूर्वोत्तर भारत पर दिखाई देगा। वर्षों से बंगाल में व्याप्त अराजकता, राजनीतिक हिंसा और अस्थिरता ने केवल बंगाल को ही नहीं, बल्कि बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया था।

डॉ. सुमन ने कहा कि बंगाल और बिहार का संबंध केवल भौगोलिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से भी अन्योनाश्रयी रहा है। जब-जब बंगाल की स्थिति कमजोर हुई, उसका सीधा असर बिहार के उद्योग, व्यापार और रोजगार पर पड़ा। कोलकाता जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में अस्थिरता के कारण बिहार के व्यापारियों, श्रमिकों और उद्योगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि अब लंबे समय बाद ऐसा वातावरण बना है जिसमें केंद्र सरकार विशेष योजना बनाकर पूरे पूर्वी भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में विकसित कर सकती है। गंगा जलमार्ग का प्रभावी उपयोग करते हुए वैश्विक व्यापार को नई गति दी जा सकती है। बिहार और बंगाल के माध्यम से पूर्वी भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है।

डॉ. सुमन ने कहा कि कोलकाता-अमृतसर औद्योगिक कॉरिडोर का लाभ अब वास्तविक रूप से जमीन पर उतर सकता है। इससे बिहार में उद्योग, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, वेयरहाउसिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का यह ऐतिहासिक अवसर है, जिसे केवल राजनीति तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि विकास और राष्ट्रहित के बड़े विजन के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार और बंगाल मिलकर पूरे पूर्वी भारत की आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि केंद्र और राज्य सरकारें समन्वय के साथ दीर्घकालिक योजना बनाकर इस सकारात्मक माहौल को स्थायी विकास में बदलें।

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