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किशनगंज : तेघरिया गायत्री शक्तिपीठ में शताब्दी अनुयाज कार्यशाला आयोजित

किशनगंज,16मार्च(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में जन शताब्दी वर्ष 2026 के अंतर्गत तेघरिया स्थित गायत्री शक्तिपीठ के प्रांगण में “शताब्दी अनुयाज कार्यशाला” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुजफ्फरपुर से आए जोन समन्वयक शशि भूषण ठाकुर ने की।

कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि संतोष प्रेम चौधरी, पूर्णिया उपजोन समन्वयक प्रदीप पंड्या, जिला समन्वयक मायाकांत झा तथा प्रखंड व जिला कमिटी के ट्रस्टीगण सहित सैकड़ों की संख्या में सक्रिय गायत्री परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री महामंत्र व गुरु वंदना के साथ हुई।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत ट्रस्टी सुदामा राय एवं डॉ. वेद आर्या ने गायत्री मंत्र चादर, पौधा और तिलक लगाकर किया। परिजनों द्वारा राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत भजन भी प्रस्तुत किए गए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जोन समन्वयक शशि भूषण ठाकुर ने कहा कि गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष, माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा सिद्ध अखंड दीप के प्राकट्य के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्र निर्माण, समाज निर्माण और युग निर्माण के क्षेत्र में कई सकारात्मक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” का संदेश आज ब्रह्मांडीय आदेश के रूप में सामने आ रहा है।

कार्यशाला में नशा मुक्ति, पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, नदियों के तट की सफाई, यज्ञ-हवन, देव स्थापना, नारी सशक्तिकरण और युवा जागरण जैसे संकल्पों पर चर्चा की गई। इन कार्यक्रमों को समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से संचालित करने पर जोर दिया गया। उपजोन समन्वयक प्रदीप पंड्या ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व युद्ध, ऊर्जा संकट, आर्थिक अस्थिरता और पर्यावरणीय समस्याओं जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में संयमित जीवन, योग साधना और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्हें अपनी संस्कृति और पहचान पर गर्व करने का आह्वान किया।

वहीं शांतिकुंज प्रतिनिधि संतोष प्रेम चौधरी ने कहा कि गायत्री परिवार “विचार क्रांति अभियान” के सिद्धांत पर आधारित एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है, जो मानवता को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि संस्था के नाम पर किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग केवल अधिकृत रसीद के माध्यम से ही लिया जाएगा और सभी कार्यक्रम जिला ट्रस्ट की देखरेख में आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में सहायक ट्रस्टी मिक्की साहा ने सभी अतिथियों और परिजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शांतिकुंज के मार्गदर्शन में जिले में कई रचनात्मक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और आगे भी प्रखंड स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन कर जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर ट्रस्टी परमानंद यादव, चेतनारायण सिंह, देवालय प्रमुख छवि, श्वेता सुमन, कुशपत राय, सोहन लाल मंडल, पंचानंद सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, नवीन कुमार मल्लाह, पूरन लाल माझी, सुमित साहा, बलराम ठाकुर, हरगोपाल, आशुतोष, मदन सिन्हा, बागेश्वर सिंह, हेमंत चौधरी, कृष्णानंद चौधरी सहित अनेक गायत्री परिजन मौजूद थे।

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