बालू घाटों को बीच में छोड़ने वालों को दोबारा टेंडर में नहीं किया जाएगा शामिल : उप-मुख्यमंत्री

– खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस वार्ता में दी पूरे मामले की जानकारी
– चालू वित्तीय वर्ष में 3800 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य प्राप्त होना तय
– 8 जिलों के जिला खनन पदाधिकारियों से किया गया शोकॉज, 71 बिहारी योद्धा हुए सम्मानित
त्रिलोकी नाथ प्रसाद /राज्य में बालू घाटों का ठेका लेने के बाद इसे बीच में छोड़कर भागने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष बालू घाटों की बोली पिछले वर्ष के मुकाबले तीन से चार गुणा अधिक लगाकर घाटों को ले लिया गया, लेकिन इन्हें बीच में यह कहते हुए सरेंडर कर दिया कि मुनाफा नहीं हो रहा है। कुछ स्थानों पर बालू माफियाओं ने मिली भगत करके ऐसा किया है। अब बालू घाटों को सरेंडर करने वाली कंपनी या इसके निदेशकों या मालिकों को अब किसी भी नई टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। यह जानकारी खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री सह उप-मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को दी है। वह विकास भवन सचिवालय में मौजूद उद्योग विभाग के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी करीब 78 कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड करने की कवायद शुरू हो गई है।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने 71 बिहारी योद्धा को पुरस्कार वितरित किया। ये वैसे योद्धा हैं, जिन्होंने अवैध खनन और ओवरलोडिंग खनिज वाहनों के बारे में विभाग को जानकारी देकर पकड़वाया है। सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए इनके नाम और पते गुप्ता रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे करीब 78 घाट हैं, जिनकी बोली अधिक राशि में लगाकर पहले इसे ले लिया गया, फिर बीच में छोड़ दिया गया है। लेते समय इन लोगों को लगा था कि अवैध खनन करके बालू घाटों से मुनाफा कमा लेंगे, लेकिन विभाग की सख्ती के कारण इनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए। जिन घाटों को सरेंडर किया गया है, उन्हें जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स को समुचित समीक्षा कर फिर से टेंडर करने के लिए कहा गया है। सरकार जल्द ही बंद पड़े घाटों का रेट रिवाइज करके इनकी निविदा फिर से निकालेगी।
बाहर से आने वाले खनिज वाहनों को ट्रांजिट चालान लेना अनिवार्य
मंत्री ने कहा कि बाहर के राज्यों से आने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट चालान लेना अनिवार्य होगा। ट्रांजिट चालान की प्रक्रिया को कैबिनेट की भी अनुमति मिल चुकी है। इससे सीमावर्ती जिलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। बाहर से प्रवेश करने वाले वाहनों को टीपी (ट्रांजिट पास) लेना अनिवार्य होगा। इन वाहनों को 85 रुपये प्रति घन फीट की दर से टीपी चार्ज देना होगा। सीसीटीवी के जरिए सीमावर्ती जिलों के प्रवेश मार्ग की सशक्त मॉनीटरिंग की जाएगी।
अब तक 3 हजार करोड़ राजस्व हो चुका संग्रह
खान एवं भूतत्व मंत्री ने कहा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी राजस्व संग्रह में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसी तरह 2024-25 में 3500 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3800 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 3 हजार करोड़ रुपये अब तक प्राप्त हो चुके हैं। मार्च अंत तक विभाग से 200-300 करोड़ रुपये और कार्य विभागों से 500-600 करोड़ रुपये प्राप्त होने की संभावना है। इस तरह लक्ष्य प्राप्त हो जाएगा।
राज्य में पहली बार वृहद खनिज की हुई पहल
उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार वृहद खनिज पदार्थों के खनन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसमें तीन खनिज ब्लॉक की नीलामी हो चुकी है। गया में दो निकेल और क्रोमियम खनिज ब्लॉक का टेंडर हो चुका है। रोहतास में ग्लूकोनाईट के एक ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस जारी किया गया है। अन्य स्थानों पर भी मौजूद वृहद खनिजों के खनन को लेकर लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बंद पड़े पत्थर खनन के कार्यों को फिर से शुरू किया जाएगा। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पत्थर खनन के लिए नियंत्रित तरीके से खनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अवैध खनन को लेकर 31 हजार से अधिक हुई छापेमारी
अवैध खनन को लेकर राज्यभर में 2025 में अप्रैल से नवंबर तक 31 हजार 297 छापेमारी हुई है। 1600 एफआईआर दर्ज की गई है। 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गृह विभाग से छापेमारी करने के लिए 400 अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाए गए हैं। सभी घाटों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग सीसीटीवी के जरिए हो रही है। छापेमारी के लिए फ्लाइंग स्कॉयड का गठन किया गया, जो रैंडम छापेमारी करती है।
प्रेस वार्ता के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव दिवेश सेहरा, निदेशक मनेश कुमार मीणा समेत अन्य मौजूद थे।


