लगातार दो वर्षों से पुरुष नसबंदी को बढ़ावा: ठाकुरगंज की आशा उषा देवी बनी प्रेरणा
2024 में 6 और 2025 में 4 पुरुषों को कराया नसबंदी, जागरूकता से बदली सोच

किशनगंज,07मार्च(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, भारतीय समाज में परिवार नियोजन की जिम्मेदारी लंबे समय तक लगभग पूरी तरह महिलाओं पर ही केंद्रित रही है। नसबंदी हो या अन्य गर्भनिरोधक उपाय, अधिकांश मामलों में महिलाओं को ही आगे आना पड़ता है। वहीं पुरुष नसबंदी को लेकर आज भी समाज में डर, झिझक और कई तरह की भ्रांतियाँ मौजूद हैं।
इसी सोच को बदलने की दिशा में किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड की आशा कार्यकर्ता उषा देवी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं। उन्होंने लगातार दो वर्षों तक पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूकता फैलाते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2024 में उषा देवी ने अपने क्षेत्र के छह पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रेरित कर सफलतापूर्वक प्रक्रिया पूरी करवाई। वहीं वर्ष 2025 में भी उनके प्रयास से चार पुरुषों ने नसबंदी करवाई। लगातार दो वर्षों में कुल 10 पुरुषों को परिवार नियोजन के इस सुरक्षित विकल्प के लिए तैयार करना ग्रामीण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
घर-घर जाकर किया जागरूक
ग्रामीण समाज में पुरुष नसबंदी को लेकर लंबे समय से झिझक और गलतफहमियाँ बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में उषा देवी ने घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की और उन्हें इस प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी दी। शुरुआत में कई लोग हिचकिचाए, कुछ ने मजाक भी किया, लेकिन उषा देवी ने धैर्य के साथ लोगों को समझाया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित और सरल प्रक्रिया है, जिससे पुरुष की कार्यक्षमता या ताकत पर कोई असर नहीं पड़ता। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और कई पुरुष आगे आए।
बदल रही है सोच
जनवरी 2024 से शुरू हुई यह पहल धीरे-धीरे एक सकारात्मक अभियान का रूप लेती गई। पहले वर्ष छह पुरुषों द्वारा नसबंदी करवाना सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत था। इसके बाद वर्ष 2025 में भी चार पुरुषों ने आगे आकर इस जिम्मेदारी को निभाया।
परिवार नियोजन दोनों की जिम्मेदारी
उषा देवी का कहना है कि परिवार की खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए पुरुष और महिला दोनों की बराबर जिम्मेदारी है। यदि सही जानकारी और संवाद हो तो पुरुष भी परिवार नियोजन में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मिल रहा समर्थन
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिलाधिकारी विशाल राज ने समीक्षा बैठकों में परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
वहीं सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर पुरुषों के बीच जागरूकता बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित और सरल प्रक्रिया है, जिसे लेकर समाज में सकारात्मक वातावरण बनाना जरूरी है।
समाज के लिए प्रेरणा बनी उषा देवी
ठाकुरगंज की आशा कार्यकर्ता उषा देवी की पहल यह साबित करती है कि समुदाय स्तर पर सही प्रयास और संवाद से सामाजिक सोच में बदलाव लाया जा सकता है। आज वह अपने क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले भर के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं।
परिवार नियोजन को लेकर उनका यह प्रयास यह संदेश देता है कि स्वस्थ और संतुलित परिवार व्यवस्था के लिए पुरुष और महिला दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है।



